Bengaluru Heavy Rain | बेंगलुरु में भारी बारिश का कहर! 24 घंटे में 8 की मौत, सड़कें बनीं नदियां, जारी हुई अलर्ट

By रेनू तिवारी | Apr 30, 2026

बेंगलुरु में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने शहर में भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दीवार गिरने और करंट लगने जैसी घटनाओं में अब तक आठ लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। भारी बारिश के चलते विधान सौध जैसी महत्वपूर्ण इमारतों और रिहायशी इलाकों में कमर तक पानी भर गया, जबकि दर्जनों स्थानों पर पेड़ उखड़ने से यातायात और बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर शहर के बुनियादी ढांचे और ड्रेनेज सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और इस घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (ex-gratia) देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी मौके पर पहुंचे और बताया कि बारिश से जुड़ी घटनाओं में पूरे शहर में कुल आठ लोगों की मौत हुई है, जिसमें वेगा सिटी मॉल में हुई एक मौत भी शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने इस घटना को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

बारिश से जुड़ी एक अन्य घटना में, जेपी नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मिनी फॉरेस्ट, 15वीं क्रॉस के पास, कथित तौर पर एक बिजली के खंभे के संपर्क में आने से लगभग 30-35 वर्ष के एक व्यक्ति की मौत हो गई। कर्नाटक बिजली बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेपी नगर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया।

अधिकारियों ने पुष्टि की कि पीड़ितों में सड़क किनारे सामान बेचने वाले विक्रेता और वे लोग शामिल थे जो बारिश से बचने के लिए वहां शरण ले रहे थे। मृतकों में से दो लोग केरल के रहने वाले थे, जो काम की तलाश में बेंगलुरु आए थे। घायलों में से एक के रिश्तेदार ने बताया कि पीड़ित की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

अचानक हुई इस मूसलाधार बारिश से भीषण गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन पूरे शहर में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। रिचमंड टाउन और शांतिनगर सहित कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया (जलभराव हो गया), जबकि मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी गति से हो रही थी। सरकारी कार्यालयों में भी पानी घुस गया, जिसमें विधान सौध के कुछ हिस्से भी शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मल्लेश्वरम, शांतिनगर और शेषाद्रिपुरम जैसे कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने बताया कि लगभग 50 जगहों पर पेड़ गिर गए, जिसके बाद सड़कों को साफ़ करने और ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए फायर और इमरजेंसी कर्मचारियों को तैनात किया गया।

राजनीतिक नेताओं ने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत पर चिंता जताई। विपक्षी नेताओं ने न्यायिक जाँच की मांग की और आरोप लगाया कि पुरानी दीवार का ठीक से रखरखाव नहीं किया गया था। राज्य सरकार ने इस घटना की जाँच की घोषणा की है और ज़िम्मेदार पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

इस बीच, नागरिक अधिकारियों ने बेंगलुरु भर में बाढ़ की आशंका वाले इलाकों और पुरानी इमारतों का दोबारा मूल्यांकन करना शुरू कर दिया है, ताकि आगे कोई दुर्घटना न हो।

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