By एकता | Sep 27, 2026
पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न और इसके बाद उसकी मौत से जुड़े दावे सामने आने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुटे और कार्रवाई की मांग की। रात में हुए हंगामे और तोड़फोड़ के बाद छात्रों ने सुबह दोबारा चंडीगढ़-अमृतसर नेशनल हाईवे को बंद कर दिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस को छात्रों का बयान मिल गया है और एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, “उन्हें जल्द ही इसकी कॉपी मिल जाएगी।”
डीआईजी ने बताया कि छात्रों की कुछ और मांगें भी हैं। इन पर चर्चा के लिए दोपहर 12 बजे एलपीयू प्रबंधन के साथ बैठक तय की गई है। उन्होंने कहा कि लड़कों और लड़कियों, दोनों हॉस्टलों से जुड़ी कुछ खास मांगें हैं और पुलिस ने छात्र नेताओं से भी बात की है।
नवीन सिंगला ने बताया कि मामले की जांच में फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और फोन डेटा की जांच शामिल होगी। उन्होंने कहा कि जांच छात्र प्रतिनिधियों से सलाह-मशविरा करके की जाएगी।
डीआईजी के मुताबिक, अभी शिकायत में सिर्फ यह कहा गया है कि जी3 हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ रेप हुआ है। इसलिए फिलहाल एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रा जी3 हॉस्टल में रहती है, लेकिन उसका नाम अभी साफ नहीं है और यह भी जांच का हिस्सा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच करेगी।
डीआईजी ने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जांच वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी।” उन्होंने बताया कि जांच करने और दोषी को जल्द पकड़ने के लिए एक विशेष जांच टीम बनाई जाएगी।
वहीं, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने इन दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने बयान जारी कर कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए झूठी और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं। इससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
यूनिवर्सिटी के मुताबिक, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से जिस तरह कथित तौर पर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, वह विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है।
रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने कहा कि इस समय सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे ऐसी खबरों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे फैलाएं।
एलपीयू ने छात्रों और अभिभावकों से कहा है कि किसी भी जानकारी की पुष्टि किए बिना सोशल मीडिया पोस्ट या दूसरे माध्यमों से मिली खबरों को साझा न करें। यूनिवर्सिटी ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक चैनलों के जरिए जारी की गई जानकारी पर ही भरोसा करें।