By अभिनय आकाश | Jul 08, 2025
तुर्किये की कंपनी सेलेबी को एयरपोर्ट की सुरक्षा मंजूरी रद्द किए जाने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। कोर्ट ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि BCAS को राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में एयरपोर्ट संचालन के लिए आदेश/निर्देश जारी करने का खासतौर पर अधिकार है। अदालत ने आगे कहा कि जासूसी और/या रसद क्षमताओं के दोहरे उपयोग की संभावना को समाप्त करना आवश्यक है और वो भी बाहरी संघर्ष जैसी स्थिति में जो देश की सुरक्षा के लिए अत्यधिक हानिकारक होगा।
हवाईअड्डा संचालकों के साथ मेरे अनुबंध रद्द किए जा रहे हैं। हालांकि, रोहतगी ने अपनी दलीलें कानूनी आधारों और सरकार के फैसले में प्रक्रियात्मक खामियों तक ही सीमित रखीं। विमानन सुरक्षा विनियमों के विकास का हवाला देते हुए रोहतगी ने तर्क दिया कि पहले के उदाहरणों की तुलना में कानूनी ढांचे में काफी बदलाव आया है। "न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ के फैसले में 1937 के विमान नियमों पर विचार किया गया था, जो अब लागू नहीं हैं। 2011 में नए नियम बनाए गए थे और वर्तमान स्थिति नियम 12 द्वारा शासित है।