उच्च न्यायालय ने गोद लेने की लंबी प्रतीक्षा अवधि का स्वतः संज्ञान लिया, अधिकारियों से जवाब मांगा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 05, 2025

बंबई उच्च न्यायालय ने गोद लेने के मामलों में कथित देरी और लंबी प्रतीक्षा अवधि का सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया और केंद्र तथा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) से जवाब मांगा।

खबर के अनुसार, भारत में गोद लेने की औसत प्रतीक्षा अवधि तीन साल से अधिक हो गई है। पीठ ने मामले में वरिष्ठ वकील मिलिंद साठे और अधिवक्ता गौरव श्रीवास्तव को अदालत की सहायता के लिए ‘न्याय मित्र’ नियुक्त किया।

न्यायाधीशों ने केंद्र और सीएआरए को अपने हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 23 जून को तय की। सीएआरए के आंकड़ों का हवाला देते हुए खबर में कहा गया है कि विभिन्न श्रेणियों के 35,000 से अधिक भावी अभिभावकों ने गोद लेने के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि गोद लेने के लिए उपलब्ध बच्चों की संख्या लगभग 2,400 है।

प्रमुख खबरें

Bengal में किसकी सरकार? Pre-Poll Survey ने खोला राज, TMC और BJP की सीटों का पूरा गणित

IPL 2026: SRH कप्तान पैट कमिंस ने अपनी वापसी पर दिया बड़ा अपडेट, जानें क्या कहा?

Harry Potter TV Series का टीजर रिलीज, Christmas 2026 में नए चेहरों संग लौटेगा पुराना जादू

Global Survey में PM Modi फिर नंबर 1, BJP बोली- Congress नकारात्मकता की नवाब बन गई है