By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 02, 2026
केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बुधवार को वाहन उद्योग से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ओर बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन एवं स्थानीयकरण पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक परिवहन की सफलता का आकलन केवल बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या से नहीं किया जा सकता। भारी उद्योग और इस्पात मंत्री ने वाहन एवं वाहन कलपुर्जा उद्योग से अधिक स्वच्छ, दक्ष और उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक मजबूती से निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल भारत में विनिर्माण करना नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भारत में उत्पाद तैयार करना होना चाहिए।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘हालांकि, हमारी सफलता का आकलन केवल बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या से नहीं किया जा सकता। इसे इस आधार पर भी मापा जाना चाहिए कि कितनी प्रौद्योगिकी भारत में विकसित की जा रही है, कितना मूल्य देश में जोड़ा जा रहा है, कितने एमएसएमई नई आपूर्ति श्रृंखलाओं में भाग ले रहे हैं और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजारों में कितनी प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।’’ मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप भारत जब 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब साझा लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘भारत को केवल वैश्विक परिवहन बदलाव में भाग नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसकी अगुवाई करने में भी भूमिका निभानी चाहिए।’’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले चरण में नेतृत्व, बड़े पैमाने पर उत्पादन, स्थानीयकरण को और बढ़ाने, नवाचार को गति देने तथा भारत को उन्नत एवं हरित परिवहन प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने पर ध्यान देना होगा। कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘वाहन एवं इनका कलपुर्जा उद्योग इस यात्रा का केंद्र है।
यह लाखों लोगों की आजीविका का सहारा है, विशाल एमएसएमई परिवेश को आधार देता है और इस्पात, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, रसायन, लॉजिस्टिक्स तथा सेवाओं सहित कई क्षेत्रों पर व्यापक गुणक प्रभाव डालता है।’’
मंत्री ने बताया कि वाहन एवं वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि 30 जून, 2026 तक मंजूर आवेदकों ने 45,477 करोड़ रुपये के निवेश की सूचना दी है जिससे 67,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने यहां ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही।