By दिव्यांशी भदौरिया | Apr 17, 2026
खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण लोग अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखते हैं। सेहतमंद रहने के लिए लोग ज्यादातर महंगी डाइटिंग और फैंसी चीजों की तरफ जाते हैं। लेकिन हमारे आसपास मौजूद पेड़-पौधों, पत्तों और फूलों के औषधीय गुणों के बारे में जान लें और इन्हें डाइट में शामिल करें,तो आधी से ज्यादा बीमारियां से बचा जा सकता है। आयुर्वेद में नीम के पत्तों को किसी खजाना माना गया है। खून को साफ करने के लिए नीम के पत्ता सबसे अच्छा माना जाता है, वजन कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में नीम बेहद ही फायदेमंद होता है। कुछ लोग रोजाना नीम के पत्तों का जूस पीते हैं, लेकिन वे यह नहीं जानते हैं किन लोगों के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता है। और अगर आप रोजाना इसके जूस पीने को अपनी सबसे हेल्दी आदत मान रही हैं, तो आप गलत है। नीम के पत्तों के जूस पीने के सही तरीके और मात्रा में पीना चाहिए। आइए आपको इस बारे में बताते हैं।
हेल्थ के एक्सपर्ट बताते हैं कि नीम के पत्तों का कड़वा स्वाद हमारे शरीर में रूखापन लेकर आता है। यदि आप इसे बिना बैलेंस के रोजाना डाइट में शमिल करते हैं, तो ये शरीर के हर सेल में मौजूद नमी को बाहर खींच लेता है।
- नीम की तासीर की प्रकृति ठंडी और शुष्क होती है और ऐसे में इसे लंबे समय तक लेने से बॉडी में ड्राईनेस पैदा हो सकती है।
- अगर आप अत्यधिक कड़वी चीजों का सेवन करते हैं, तो ब्लड, मसल्स और फैट समेत शरीर के सात मुख्य टिश्यूज कमजोर होने लगते है। जिससे हेल्दी डाइट लेने के बाद भी आपको कमजोरी और थकान हो सकती है।
- लोग सोचते हैं कि नीम का जूस पीकर हमारी बॉडी डिटॉक्स होगी, लेकिन असल में हमारे टिश्यू मास कम होने लगता है।
- कड़वा रस अधिक शरीर में पहुंचता है, तो इसका असर वात रस पर पड़ता है, जिससे ऑयल कम होने लगता है और जोड़ों में अकड़न और दर्द हो सकती है।
- नीम का जूस पीने से स्किन अधिक ड्राई हो जाते हैं और समय से पहले एजिंग के साइन्स नजर आ सकते हैं।
नीम का जूस पीने का सही तरीका
- जब आप नीम का जूस पिएं तो साथ में घी जरुर लें। ऐसा करने से आपकी सभी रुखे हर्ब्स के साथ करना चाहिए ताकि शरीर में ड्राईनेस ने आए।
- रोजाना नीम का जूस 15-30 मिली से ज्यादा न लें।
- एक्सपर्ट के सलाह लेकर ही नीम का जूस पिएं।