गर्मी और लू से बचाएगा ये Super Drink, जानें बासी चावल से कांजी बनाने की Healthy Recipe

By दिव्यांशी भदौरिया | Apr 18, 2026

जैसे ही गर्मियों की शुरुआत होती है वैसे ही उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक लोग ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थों की तलाश करने लगते हैं। ऐसे समय में ‘चावल की कांजी’ एक ट्रेडिशनल व्यंजन के रूप में काफी लोकप्रिय है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक और आराम भी देती है। आज हम आपको इस लेख में इसे बनाने की आसान और सही विधि बताएंगे। चावल की कांजी खाने से शरीर को काफी ठंडक मिलती है, इतना ही नहीं, यह सेहत के लिए सुपरफूड माना जाता है। 

चावल की कांजी तैयार करने की प्रक्रिया एक दिन पहले रात से शुरू होती है। इसके लिए बचे हुए सादे उबले चावल का इस्तेमाल किया जाता है। इन चावलों को किसी मिट्टी के बर्तन या कांच के बाउल में डालकर इतना पानी मिलाएं कि वे पूरी तरह से उसमें डूब जाएं। फिर बर्तन को ढककर पूरी रात के लिए रख दें। रातभर पानी में रहने से चावल में प्राकृतिक तौर पर फर्मेंटे होना बहुत जरुरी है,ताकि इसमें लाभकारी बैक्टीरिया विकसित हो सकें, जो पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं।

दही का मेल और स्मूद टेक्सचर

सुबह के समय आप भीगे हुए चावलों में से अतिरिक्त पानी को निकाल सकते हैं या उसी में रहने दे। फिर इसमें जा गाढ़ा दही मिलाएं। दही और फर्मेंटेड चावल का मिश्रण एक बेहतरीन नेचुरल प्रोबायटिक ड्रिंक बन जाता है। इसको हाथों से या चम्मच से थोड़ा मैश कर लें ताकि चावल और दही एकसार हो जाए। 

सब्जियों का तड़का

कांजी को और ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए प्याज और हरी मिर्च डालें। प्याज इससे कुरकुरापन देता है और गर्मी में लू से बचाव में भी सहायक होता है, जबकि हरी मिर्च इसका स्वाद हल्का तीखा और मजेदार बना देती है। यदि आप धनिया पसंद करते हैं, तो इसमें ताजा कटा हरा धनिया भी मिला सकते हैं। अंत में अपने स्वाद के अनुसार नमक डालकर सारी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें।

चावल की कांजी बनाने का तरीका

इस कांजी का सबसे खास होता है इसका तड़का। एक छोटे पैन में थोड़ा-सा तेल गर्म करें। अब इसमें जीरा और राई डालें। जब तक राई चटकने लगे, तो इसमें मुट्ठी भर कच्ची मूंगफली डालें और उसे कुरकुरा होने तक भूनें। इस तड़का को ऊपर से डालने के बाद कांजी जायका डबल हो जाता है।

इसको आप हमेशा ठंडा ही सर्व करें। कांजी को मिट्टी का बर्तन में सर्व करें क्योंकि इसकी ठंडक बनीं रहेगी। इसको आप सुबह के नाश्ते या दोपहर के लंच में खा सकते हैं। इससे आपका पेट भी भरेगा और इम्यूनिटी बूस्ट होगी। 

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