By अभिनय आकाश | Apr 08, 2025
केंद्र ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट में एक कैविएट दायर की है, जिसमें वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आदेश पारित करने से पहले सुनवाई की मांग की गई है। संपन्न बजट सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में पारित होने से पहले संसद में काफी बहस हुई थी। घटनाक्रम से जुड़े वकीलों ने कहा कि याचिकाओं को 15 अप्रैल को एक पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की संभावना है, हालांकि अभी तक यह शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर नहीं दिखाई दे रहा है।
विधेयक को राज्य सभा में 128 मतों के साथ पारित किया गया, जबकि इसके खिलाफ 95 मत पड़े। इससे पहले गुरुवार को विधेयक को लोक सभा में पारित किया गया, जहां 288 सदस्यों ने इसके पक्ष में और 232 ने इसके खिलाफ मतदान किया। इसके अलावा संसद ने मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक को भी मंजूरी दे दी। राज्य सभा ने इसे मंजूरी दे दी, जबकि लोक सभा पहले ही विधेयक को पारित कर चुकी थी। मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को अब निरस्त कर दिया गया है।