Heat Stroke Alert: बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती है गर्मी, इन Summer Tips से करें बचाव

By अनन्या मिश्रा | Jun 06, 2026

बच्चों के लिए गर्मियों का मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। क्योंकि बच्चे का शरीर बड़े लोगों की तुलना में तापमान को जल्दी कंट्रोल नहीं कर पाता है। बढ़ता तापमान, तेज धूप और लू की वजह से बच्चे में हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ता है। हीट स्ट्रोक एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अचानक से ज्यादा हो जाता है। वहीं अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

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पर्याप्त पानी दें

गर्मी में बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। क्योंकि पसीने के रूप में शरीर से पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

बच्चे को नारियल पानी, छाछ, ORS और घर पर बना नींबू पानी पीना चाहिए। यह शरीर में जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बनाए रखता है।

छोटे बच्चों को बाहर से खेलने के बाद फौरन पानी देना चाहिए।

दोपहर की धूप में न निकलने दें

बच्चे को दोपहर में घर से न निकले दें, क्योंकि इस दौरान तापमान ज्यादा होता है। वहीं इस दौरान लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बच्चे को बाहर धूप में खेलने या घूमने न भेजें।

अगर बच्चे का बाहर जाना जरूरी है, तो उसको छांव में रखें और ज्यादा देर धूप में न रहने दें।

सूती और हल्के कपड़े पहनाएं

बच्चे को गर्मियों में हमेशा सूती और ढीले कपड़े पहनाने चाहिए।

सूती कपड़े आसानी से पसीना पोंछ लेते हैं और शरीर को ठंडा रखने में सहायता करते हैं।

ज्यादा टाइट कपड़े या सिंथेटिक कपड़े पहनने से बच्चे को खुजली, घमौरियां और बेचैनी हो सकती है।

तली-भुनी चीजें कम दें

गर्मियों के मौसम में बच्चों का पाचन तंत्र जल्दी प्रभावित हो सकता है।

ऐसे में बच्चे को ज्यादा तला भुना, जंक फूड और मसालेदार खाना देने से उसका पेट खराब हो सकता है, साथ ही शरीर में गर्मी बढ़ने की समस्या हो सकती है।

बच्चे को दही, सलाद, ताजे फल, खिचड़ी और हल्का घर का बना खाना देना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

कैप और छाते का इस्तेमाल

जब भी बच्चे को बाहर ले जाए, तो उसको कैप या छाता जरूर दें। जिससे कि धूप सिर और चेहरे पर सीधे न पड़े।

तेज धूप से बच्चे को बचाने के लिए सनग्लास का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन उपायों से बच्चों को गर्मी और UV किरणों के नुकसान से बचाया जा सकता है।

शरीर को ठंडा रखें

गर्मियों में घर का तापमान सामान्य रखना जरूरी होता है।

कमरे में एसी, कूलर या पंखे का इस्तेमाल करें। लेकिन बच्चे को बहुत ज्यादा बंद या गर्म जगह पर न रहने दें।

वहीं बच्चे को समय-समय पर ठंडे पानी से हाथ-पैर और चेहरा धुलवाएं। इससे भी उसको राहत मिलेगी।

हीट स्ट्रोक के लक्षण

अगर बच्चे को चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी या तेज बुखार आने जैसी समस्या हो रही है। तो यह हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में बच्चे को फौरन ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करें और बिना किसी देरी के डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि सही समय पर सही इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

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