By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 12, 2026
ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को मूसलाधार बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़कें एवं पुल जलमग्न हो जाने के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा अगले 48 घंटों में और अधिक बारिश के पूर्वानुमान व्यक्त किये जाने के बीच राज्य सरकार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
आवश्यक एहतियाती एवं राहत उपाय किए गए हैं और समग्र स्थिति नियंत्रण में है।’’ आईएमडी के अनुसार, राज्य में इन 24 घंटों के दौरान औसतन 24.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसमें मलकानगिरि के चित्रकोंडा प्रखंड में सबसे अधिक 192 मिलीमीटर बारिश हुई। पांच प्रखंडों में 100 मिलीमीटर से अधिक, जबकि 33 प्रखंडों में 50 से 100 मिलीमीटर के बीच बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र (भुवनेश्वर) की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि राज्य में एक जून से 12 सितंबर के बीच 1,247.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य औसत (997 मिलीमीटर) से 25.1 प्रतिशत अधिक है।
मोहंती ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य भाग तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक तीव्र हो सकता है तथा पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा को पार कर सकता है। आईएमडी ने नुआपाड़ा, बोलंगीर, कालाहांडी, नबरंगपुर और कोरापुट जिलों में अलग-अलग स्थानों पर सात से 11 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए येलो अलर्ट (सतर्क रहने की चेतावनी) जारी किया है। उसने कहा कि बालासोर, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, नुआपाड़ा, बोलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बादल गरजने और बिजली चमकने एवं गिरने की आशंका है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि राज्य की सभी नदियां अपने खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।