महाराष्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने का दिया निर्देश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 05, 2022

मुंबई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मंगलवार को महाराष्ट्र में अगले चार दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी करने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने राज्य प्रशासन के अधिकारियों को एहतियात बरतने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जानमाल का कोई नुकसान न हो। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुंबई के पास स्थित रायगढ़ जिले में कुंडलिका नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मुंबई और उसके कुछ पड़ोसी जिलों में मंगलवार सुबह भारी बारिश हुई और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।

इसे भी पढ़ें: 'Shabaash Mithu' को प्रोमोट करने पहुंची तापसी पन्नू, छोटी ड्रेस पहनकर बढ़ाया इंटरनेट का टेंप्रेचर

बयान में कहा गया, ‘‘ मुंबई की स्थिति पर भी करीबी नजर रखी जा रही है।’’ बयान के अनुसार, रायगढ़ जिले में कुंडलिका नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अंबा, सावित्री, पातालगंगा, उल्हास और गढ़ी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से थोड़ा नीचे है। बयान के अनुसार, बढ़ती बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिंदे ने मुख्य सचिव मनु कुमार श्रीवास्तव के साथ बातचीत की। जिलों के प्रभारी (गार्जियन) सचिवों को अपने जिलों में पहुंचने और स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

बयान में कहा गया, ‘‘भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि किसी प्रकार की जानमाल की हानि न हो। मुख्यमंत्री कोंकण क्षेत्र के सभी जिला कलेक्टर के साथ सम्पर्क में हैं।’’ बयान के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को भारी बारिश के मद्देनजर सतर्क रहने और एहतियात बरतने को कहा गया है। ठाणे, पालघर, रायगढ़, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और कोल्हापुर जहां तेज बारिश हो रही है लोगों को बाढ़ आने के खतरे को लेकर आगाह कर दिया गया है।

प्रमुख खबरें

USA में भारतीय सेना का जलवा, Gulveer Singh ने National Record तोड़कर जीता सिल्वर मेडल

Harry Kane की हैट्रिक ने दिलाई Bayern Munich को डबल ट्रॉफी, एक सीजन में दागे रिकॉर्ड 61 गोल।

IPL 2026 Playoffs की तस्वीर साफ, Rajasthan की एंट्री के साथ ये Top-4 टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी

Stray Dogs की अंधाधुंध हत्या का डर, Supreme Court के आदेश पर NGO ने उठाए गंभीर सवाल