By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 08, 2022
श्रीनगर। कश्मीर के अधिकतर स्थानों पर रातभर हुई बर्फबारी, कम दृश्यता स्तर और खराब मौसम के कारण शनिवार को कम से कम 10 उड़ानें रद्द हो गईं और कई उड़ानों के परिचालन में देरी हुई तथा कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण 136 किलोमीटर लंबे बनिहाल-बारामूला रेलखंड पर भी रेल सेवा बाधित हुई। इस बीच, रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में इस मौमस की पहली बर्फबारी हुई। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के वैष्णो देवी में चार इंच बर्फबारी हुई और भैरो घाटी समेत ऊंचाई वाले इलाके भारी बर्फबारी के कारण ढक गए। यात्रा सुचारू रूप से जारी है, लेकिन खराब मौसम के कारण बैटरी कार सेवा और हेलीकॉप्टर सेवा बाधित हो गई है। उन्होंने बताया कि ताजा जानकारी मिलने तक तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा में तेज बारिश जारी थी। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में शुक्रवार दोपहर को जारी हुई बर्फबारी रात को अधिकतर स्थानों पर जारी रही।
इस बीच, उन्होंने बताया कि श्रीनगर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुलमर्ग में शून्य से 4.6 डिग्री नीचे, पहलगाम में शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे, काजीगुंड में शून्य डिग्री, कोकेरनाग में शून्य से 0.9 डिग्री नीचे और कुपवाड़ा में शून्य डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कश्मीर में 40 दिन का चिल्लई कलां का दौर 21 दिसंबर से शुरू हो गया। इस दौरान क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाती है, जिससे यहां की प्रसिद्ध डल झील के साथ-साथ घाटी के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति लाइनों सहित जलाशय जम जाते हैं। इस दौरान अधिकतर इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी सबसे अधिक रहती है और खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात होता है। ‘चिल्लई कलां’ के 31 जनवरी को खत्म होने के बाद, 20 दिन का ‘चिल्लई-खुर्द’ और फिर 10 दिन का ‘चिल्लई बच्चा’ का दौर शुरू होता है।