Hanuman Garhi Temple: Ayodhya में क्यों है हनुमान गढ़ी का इतना महत्व? जानें Lord Ram के दर्शन से जुड़ा ये रहस्य

By अनन्या मिश्रा | Jun 16, 2026

देश भर में हनुमान जी को समर्पित कई मंदिर है। इस मंदिरों का अपना विशेष महत्व है। इन्हीं मंदिरों में अयोध्या का हनुमान गढ़ी मंदिर शामिल है। यह मंदिर आस्था का केंद्र है और एक ऊंचे टीले पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करने के बाद ही रामलला के दर्शन का शुभ फल प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान जी इस मंदिर में रक्षक के रूप में वास करती है।

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पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान श्रीराम ने रावण की लंका पर विजय प्राप्त की और जब अयोध्या वापस आए, तो प्रभु श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के आने का उत्साह मनाया जा रहा था। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और राम जी ने सभी को विदा किया। लेकिन हनुमान जी अयोध्या को छोड़कर नहीं जाना चाहते थे।

राम जी ने दी हनुमान जी को ये जगह

हनुमानजी की भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने हनुमान जी को अयोध्या में रहने के लिए एक जगह दी। यह स्थान एक ऊंचे टीले पर मौजूद थी। जहां पर हनुमान गढ़ी मंदिर को बनाया गया था। धार्मिक मान्यता के मुताबिक ऊंचे टीले पर होने के कारण हनुमान जी को यहां से पूरी अयोध्या नगरी दिखती थी। राम जी ने रहने के लिए यह स्थान देते हुए हनुमान को यह वचन दिया कि अयोध्या मेरा दर्शन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा, जब तक की हनुमान गढ़ी के दर्शन नहीं किए जाएंगे।

मनोकामनाएं होती हैं पूरी

इस प्रसंग का वर्णन स्कंद पुराण में देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी पाप नष्ट होते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं व्यक्ति को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है। हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी को चोला अर्पित करने से सभी दोष की समस्या से छुटकारा मिलता है।

हनुमान गढ़ी मंदिर में माता अंजनी की गोद में बाल हनुमान की प्रतिमा विराजमान है। इस मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। वहीं यूपी सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य द्वारा कराया गया है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।

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