By विजयेन्दर शर्मा | Aug 01, 2021
शिमला। हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में आज प्रदेश सरकार का हेलीकॉप्टर यहां फंसे लोगों के लिए देवदूत बनकर आया। बादल फटने से मची तबाही के बाद फंसे लोगों को पांच दिन बाद राहत मिली है। आज सुबह सीएम ने भी हवाई रैली की और लाहौल घाटी के हालात का जायजा लिया। मौसम साफ होने के चलते सरकार ने सुबह हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।मौसम खुलते ही मनाली से हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी व लाहौल घाटी के आसमान में इसे देखते ही लोगों की जान में जान आई हालांकि सुबह खराब मौसम ने उन्हें नाउम्मीद कर दिया था। रोहतांग में बादलों के डेरे ने इसकी राह रोक दी थी जिससे लोग निराश थे।लेकिन समाचार लिखे जाने तक दो फलाईट हो चुकी हैं कई लोगों को निकाला जा चुका है पहले बारिंग से तान्दी डाईट, वापिस बारिंग और फिर बारिंग से तान्दी डाईट तक हेलिकाटर गया।
उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि आज 18 लोगों को इन फ्लाइट के जरिए तान्दी हेलीपैड पहुंचाया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार उदयपुर क्षेत्र में फंसे सभी लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।उपमण्डलीय प्रशासन को हिदायत दी गई है कि विशेष तौर से ये जानकारी जुटाई जाए कि कोई ट्रेकर शेष तो नहीं जो अभी भी कहीं रुका तो नहीं। उन्होंने बताया कि उदयपुर क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी भी बहाल हो गई है। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई को 21 ट्रेकरों की टीम के अलावा लगभग 45 अन्य लोगों को भी जोबरंग, लिंगर और रावा से होते हुए रेस्क्यू किया गया। वे सभी भी अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं।रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा भी मौजूद रहे और उन्होंने रेस्क्यू किए कुछ लोगों से बात भी की।