Budget का वो हिस्सा जो छिपा रहा! एक झटके में कैसे मोदी ने कर दिया पाक-चीन और ट्रंप का इलाज

By अभिनय आकाश | Feb 02, 2026

"जो कर्ज मांगने जाता है, उसका सिर झुका होता है" पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहली बार सार्वजनिक मंच से वो बात स्वीकार कर ली है जो बात सालों से दुनिया देख रही थी। पाकिस्तानी पीएम ने खुद मान लिया है कि आर्थिक मदद मांगने के लिए पाकिस्तान जब जब अपने फ्रेंडली देशों के दरवाजे खटखटा रहा था। तब तब उसे सिर झुकाना पड़ा। इसे आप सदी का सबसे बड़ा कबूलनामा कह सकते हैं। ये पाकिस्तान की पिछली पीढियां और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसा दस्तावेज है, जिससे वो हमेशा ये जान पाएंगे कि इस देश की सेना ने और इस देश की सरकार ने कैसे उन्हें भीखमंगा घोषित कर लिया। वैसे तो किसी की गरीबी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए, लेकिन ये एक कड़वा सच भी हैकि जब पाकिस्तान आर्थिक मदद के लिए सिर झुकाए दूसरे देशों के दरवाजे पर शीश नवाज रहा है तब भारत ने अपने बजट में पड़ोसी देशों के लिए मदद का ऐलान किया है और अपने डिफेंस बजट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी भी की है। पिछले साल पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर में जबरदस्त पटकनी देने के बाद अब सरकार ने धुरंधर रक्षा बजट बना दिया है। सरकार ने बजट में रक्षा पर खास तवज्जो देकर यह साफ कर दिया है कि जब बात देश की रक्षा की होती है ना तो कोई समझौता मुमकिन नहीं होता। कोई किंतु परंतु नहीं होता क्योंकि यह बात शीशे की तरह साफ है कि जब देश सुरक्षित होगा तभी देश आगे बढ़ पाएगा। 

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क्यों कहा जा रहा धुरंधर किस्म का बजट

चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या ईरान के बीच जो युद्ध हुआ, अमेरिका और ईरान के बीच जो खबरें आई कि बी टू बमबर का इस्तेमाल किया गया। कई सारे युद्ध हो रहे थे। फ्यूचर को ध्यान में रखते हुए उसको समझते हुए भारत अपनी बजट की तैयारी कर रहा है। वैसे पाकिस्तान और चीन के अंदर मायूसी छा गई।  15% अचानक से भारत अपना डिफेंस एलोकेशन बढ़ा देता है। ये कम पैसे नहीं है। पाकिस्तान तो इसमें मैच ही नहीं कर पाएगा। यह सिर्फ पाकिस्तान के लिए नहीं चीन- पाकिस्तान पूरी दुनिया की जो ग्लोबल लेवल पर चीजें जो हो रही है उसको समझना जरूरी है। अभी की युद्ध कैसे होने वाली है कोई कारगिल के जैसा होगा या बांग्लादेश के साथ 71 को वाली लड़ाई तो होगी नहीं। 21 सेंचुरी में  लेटेस्ट युद्ध हुआ है उसमें क्या-क्या चीज हमने देखा हाइपरसोनिक मिसाइल जो ईरान मार रहा था इजराइल के आयरन डोम को तोड़ दिया। चीन को लेकर डिफेंस एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं कि उसके पास बहुत सारे हाइपरसोनिक मिसाइल्स लॉन्ग रेंज मिसाइल्स, ड्रोन स्पेस एआई, सोशल मीडिया ये आज के मॉडर्न युद्ध के नए-नए आयाम है। 

चीन पर पूरा फोकस

फोकस एरिया है एयरफोर्स मॉडर्नाइजेशन। एयरफोर्स मॉडर्नाइजेशन में भी फाइटर जेट्स, आवास सिस्टम। फिर फिफ्थ जनरेशन जो फाइटर जेट्स जो है उस पर भारत की नजर है। अभी हाल में ही आपने देखा कैसे 114 राफेल न केवल भारत लेकर आया बल्कि उसे अपने हथियार के मुताबिक उसको मॉडिफाई भी किया जा रहा है।  सर्विलेंस सिस्टम आईएसआर सिस्टम, हाई एटीट्यूड लॉजिस्टिक्स पर भी काम हो रहा है। इन सब से चीन भी परेशान हो गया है। चीन के  साथ हाई एल्टीट्यूड वॉर यानी  गलवान और आसपास के इलाकों में होना है। इससे साफ है कि भारत ने अपना दुश्मन चुन लिया है। पाकिस्तान तो बहुत छोटा पिद्दी सा देश है।  ये जो बजट की जो बढ़ोतरी की जा रही है वो दरअसल ये चाइना को फोकस में रखकर के किया जा रहा है। लॉजिस्टिक्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सड़कें होनी चाहिए। हाई एल्टीट्यूड के ऊपर  एयर बेस होने चाहिए। वहां पर मिलिट्री कैसे स्टेशन हो सके। 24x7 और 365 दिन वो सारी चीजें हो रही हैं। 

माॉर्डेन डे वॉर फेयर पर जोर

दूसरी चीज हमें ये भी समझ में आया कि जिस तरीके से ड्रोन स्ट्राइक्स हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा कवच पर जोर दिया था। उन्होंने जो है वो जो है उन्होंने स्टार्ट किया कि भाई सब जगह जो इंपॉर्टेंट शहर है क्योंकि जिस तरीके से पाकिस्तानी सिविलियंस के ऊपर टारगेट कर रहे थे। हम ड्रोन जो है वह अटैक जो है वह किया जा रहा था। अलग-अलग शहरों में सिविलियंस को इस तरह के अटैक से बचाना है तो वो तो योजना घोषित हो गई थी अभी इस बजट में एलोकेशन हो रहा है। पाकिस्तान और चाइना को टू फ्रंट वॉर के दौरान हमें कैसे डिटरेंस क्रिएट करना है। कैसे एआई का इस्तेमाल होगा? कैसे साइबर स्पेस का इस्तेमाल होगा? किस तरह के हमें हाइपरसोनिक मिसाइल्स चाहिए। किस तरीके के हमें फाइटर जेट्स चाहिए और लंबे समय तक हम एयर स्पेस को डोमिनेट कर सके। उस तरह का हमारा फाइटर जेट्स का जो है पूरा जखीरा किस तरीके का हो वो हमें चाहिए। रक्षा बजट में इस बढ़ोतरी के पीछे सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं बल्कि चीन और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात भी बड़ी वजह हैं। आज भारत को पाकिस्तान और चीन की चुनौती का सामना तो करना पड़ ही रहा है बल्कि साथ ही साथ चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बढ़ते संबंधों पर भी नजर रखनी जरूरी हो गईहै। सरकार चाहती है कि किसी भी स्थिति में भारत की सेनाएं पूरी तरह तैयार रहें और कोई भी दुश्मन व देश अगर उस पर हमला करें तो उनके पास प्रॉपर इक्विपमेंट हो ताकि वह आगे लड़ सके और जीत भी सके।

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