By अनन्या मिश्रा | Jul 29, 2026
आजकल युवा लोगों में भी बीपी और शुगर की दिक्कतें देखने को मिलती हैं। तनाव से भरी लाइफस्टाइल में हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशऱ काफी आम हो गया है। इसके पीछे तनाव, तला-भुना खाना, ज्यादा नमक का सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी या मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आजकल हाई बीपी आम हो गया है। इसके शुरूआती लक्षण भी नजर नहीं आते हैं। लंबे समय तक बीपी का हाई या लो रहने का असर शरीर के कई अंगों पर देखने को मिलता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए जितना जरूरी दवाएं लेना है। उतना ही जरूरी लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव भी है। आप डॉक्टर की सलाह पर नियमित दवाई लें, लेकिन साथ ही कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखें।
आपको बैलेंस डाइट लेनी है। दिन में 5 से 6 ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन न करें। सब्जियां, फल, लीन मीट्स, साबुत अनाज और डैश डाइट का पैटर्न फॉलो करना चाहिए। वहीं प्रोसेस्ड फूड्स या ज्यादा तले-भुने खाने से दूर रहें।
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज भी अहम भूमिका निभाता है। आप ब्रिस्क वॉकिंग, साइकिलिंग और कार्डियोवैस्कुलर एक्टिविटीज जरूर करें। वहीं सप्ताह में 2 बार एक्सरसाइज जरूर करें।
अगर आपका वेट बढ़ा हुआ है, तो इसको कम करने पर फोकस करें। क्योंकि मोटापा कम करने से ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिलेगी।
अगर आप एल्कोहल या फिर कैफीन का सेवन करते हैं। तो इसको फौरन बंद कर दें। क्योंकि इसका बीपी और हार्ट हेल्थ समेत पूरे शरीर पर बुरा असर होता है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछ तनाव भी मुख्य कारण होता है। लंबे समय तक होने वाले तनाव को हल्के में नहीं लें। यह आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर बुरा असर डाल सकता है। तनाव कम करने के लिए आप डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज, माइंडफुलनेस और पूरी नींद लेना चाहिए।
इसके अलावा बीपी को रेगुलर मॉनिटर करें। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या लो बीपी की समस्या है, तो उनको सप्ताह में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक करना चाहिए।