By अनन्या मिश्रा | May 16, 2026
वैश्विक स्तर पर हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में हर साल लाखों लोगों में हाई बीपी की समस्या का निदान किया जाता है। वही भारत में भी एक्सपर्ट इस बढ़ते हुए खतरे को लेकर लोगों को सावधारी बरतने की सलाह देते हैं। आंकड़ों को देखे तो करीब 33% शहरी और 25% ग्रामीण आबादी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त हैं। वहीं गंभीर बात यह है कि 60-70 फीसदी लोगों को जब तक समस्या ज्यादा न बढ़ जाए, तब तक इसके बारे में पता नहीं चल पाता है कि वह हाइपरटेंशन के शिकार हैं।
धमनी की दीवारों के खिलाफ अगर लंबे समय तक ब्लड के बढ़े हुए दबाव की स्थिति को हाई बीपी माना जाता है। आपका हृदय कितना ब्लड पंप करता है और धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन के प्रतिरोध की मात्रा कितनी है। इस आधार पर ब्लड प्रेशर के स्तर का निर्धारण किया जाता है। जितनी ज्यादा धमनियों की संकीर्णता होगी, उतना ज्यादा ब्लड आपके हृदय द्वारा पंप किया जाता है, ब्लड प्रेशर उतना ही ज्यादा होता है। ब्लड प्रेशर का 120/80 मिमीएचजी स्तर को सामान्य माना जाता है।
इस बारे में सभी लोगों का जानना जरूरी है कि आखिर ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ जाता है। फैमिली हिस्ट्री, उम्र, लाइफस्टाइल और अनहेल्दी डाइट, सोडियम का ज्यादा सेवन, शराब-धूम्रपान और मोटापा जैसी प्रमुख आदतें ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारणों के रूप में जानी जाती हैं।
वहीं कुछ लोगों में अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों की वजह से हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है। इसमें एडर्नल ग्लैंड ट्यूमर, किडनी की बीमारियां, रक्त वाहिकाओं में दोष और कुछ दवाओं के ज्यादा सेवन जैसी समस्या को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है।
बहुत ज्यादा पसीना आना।
बेचैनी महसूस होना और चिंता या तनाव की स्थिति बने रहना
नींद की समस्या होना।
चिड़चिड़ापन होना या चक्कर आना।
हाई ब्लड प्रेशर उम्र भर बनी रहने वाली समस्या है। इसके इलाज के रूप में बीपी को कंट्रोल करने पर ध्यान देने की जरूरत है। लाइफस्टाइल में बदलाव से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन जिन लोगों का ब्लड प्रेशर ज्यादा बढ़ा रहता है, उनको सामान्य उपायों राहत नहीं मिल पाता है। उनको डॉक्टर्स दवाएं दे सकते हैं, जिससे हृदय रोगों के जोखिम से बचा जा सकता है।
हालांकि बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से इन दवाओं को बंद नहीं करना चाहिए। इससे अचानक बीपी बढ़ने और गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। वहीं दवाओं के साथ बीपी को कंट्रोल करने वाले उपायों पर ध्यान देना जरूरी है।
लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। जिन लोगों का बीपी अक्सर बढ़ा रहता है या फिर जिनको इसका खतरा होता है। उन लोगों को अपनी डाइट में सोडियम की मात्रा कम रखना चाहिए। सोडियम का ज्यादा सेवन करने से रक्तचाप बढ़ सकता है।
इसके अलावा ज्यादा शराब और धूम्रपान करने वाले लोगों में भी इसका ज्यादा खतरा होता है। इन चीजों से दूरी बनानी चाहिए। वहीं नियमित व्यायाम की आदत से भी ब्लड प्रेशर को आसानी से कंट्रोल में किया जा सकता है।