By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 22, 2023
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मंगलवार को यहां कुछ थानों में में क्लोज सर्किट टीवी (सीसीटीवी) कैमरों के काम न करने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति एन के जौहरी की पीठ ने रजत बाजपेयी की रिट याचिका पर अपने आदेश में लखनऊ के पुलिस आयुक्त को मामले पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। उच्च न्यायालय ने चिनहट थाने में कथित हिरासत में हिंसा के संबंध में एक मामले की सुनवाई करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्वी) सैय्यद अली अब्बास की एक रिपोर्ट पर आश्चर्य जताया जिसमें कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे कुछ दिनों से काम नहीं कर रहे थे।पीठ ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान उसने पाया कि घटना के समय एसजीपीजीआई थाने के सीसीटीवी कैमरे भी काम नहीं कर रहे थे।
हालांकि पीठ ने पाया कि उसके निर्देश पर डॉक्टर द्वारा दी गई मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि याचिकाकर्ता के दोनों पैरों में कठोर और कुंद चीज से खरोंच और चोट आई थी। पीठ को अवगत कराया गया कि पुलिस आयुक्त ने इस मामले में दारोगा रमेश चंद्र यादव और प्रभारी निरीक्षक आलोक राव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी, तो पीठ ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ दो सिपाहियों राहुल कुमार और विशाल सिंह का स्थानांतरण पर्याप्त नहीं है, क्योंकि याचिका में उनके खिलाफ हिरासत में हिंसा करने का आरोप लगाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ता को याचिका में दोनों सिपाहियों को विरोधी पक्ष बनाने के लिए कहते हुए पुलिस से 20 सितंबर को उसके समक्ष की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।