By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 15, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने के महज 26 दिनों के भीतर 74 स्थानों पर गड्ढे बनने और सड़क क्षतिग्रस्त होने के आरोपों को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। पीठ ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और प्रदेश के परिवहन विभाग को याचिका में लगाए गए आरोपों पर बिंदुवार जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने एक जनहित याचिका पर पारित किया।
याचिका में एक्सप्रेसवे पर वसूले जा रहे टोल टैक्स की दरों को भी अत्यधिक बताते हुए इन्हें कम करने की मांग की गई है। याची का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता और टोल की दरों से जुड़े इन मुद्दों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। पीठ ने सभी संबंधित पक्षों से याचिका में उठाए गए आरोपों और मांगों पर बिंदुवार जवाब मांगा है।