By अभिनय आकाश | Jan 02, 2026
पुतिन आवास पर हमले का मामला उलझता जा रहा है। यूक्रेन का दावा है कि उसने पुतिन पैलेस नहीं सामरिक ठिकाने पर हमले किए। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट है कि पुतिन के पैलेस पर हमले नहीं हुए हैं। इसके बारे में ट्रंप को भी जानकारी दे दी गई है। लेकिन रूस और बेलारूस का कहना है कि अब कीव के नीति निर्माता केंद्र उसके निशाने पर हैं। बेलारूस के राष्ट्रपति ने कीव पर हमले की धमकी दी है। 30 दिसंबर को खबर आई कि यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के राजकीय आवास पर हमले किए हैं। पुतिन के पैलेस पर यूक्रेन ने हमले नहीं किए। ट्रंप ने हमले की खबर आने के बाद रूस का पक्ष लिया था। ट्रंप ने कहा था कि यूक्रेन को टोमहक मिसाइल नहीं देना सही फैसला था। यूरोप के सभी देशों ने भी इस मामले पर यही कहा है कि रूस झूठे दावे कर रहा है। हालांकि रूसी रक्षा मंत्रालय ने सबूत पेश किए कि कीव ने नौबत क्षेत्र में राष्ट्रपति की आवास को जानबूझकर निशाना बनाकर हमला किया।
रूस का कहना है कि यूक्रेन के हमलों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। लेकिन वो इसे अनदेखा नहीं कर सकता है। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लोकाशेंको ने भी कीव पर हमले की धमकी दी है। लुकाशंको का इशारा साफ है कि 2026 में कीव की अहम इमारतों पर रूस के हमले होंगे। ऐसे में रूस का पहला टारगेट ऑनकी पैलेस हो सकता है जो यूक्रेनी राष्ट्रपति वदमीर जेलस्की का आधिकारिक आवास है। वहीं रूस का दूसरा टारगेट यूक्रेन का राष्ट्रपति कार्यालय हो सकता है जो बाकोवा स्ट्रीट पर मौजूद है। जंग से जुड़े ज्यादातर फैसले यहीं से लिए जाते हैं। रूस का तीसरा टारगेट वेर खोबना राधा हो सकता है जो यूक्रेन का संसद भवन है। । रूस का चौथा टारगेट हाउस ऑफ गवर्नमेंट हो सकता है। यह वेर खोबना राधा के पास मौजूद है। यहां मंत्रिमंडल की बैठकें होती हैं। आशंका है कि रूस यहां बैलेस्टिक मिसाइलों से हमले कर सकता है। लेकिन नए साल में खतरा सिर्फ यही नहीं है। इससे बड़ा खतरा भी कीव पर मंडरा रहा है। रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ कीव में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं।
बेलारूस की जमीन से रूसी फौज यूक्रेन में दाखिल होकर युद्ध का नया फ्रंट खोल सकती है। पुतिन के पैलेस पर हमले का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सुर्खी बना था। उसी वक्त यूक्रेन ने कहा था कि रूस नए और बड़े हमलों का झूठा आधार तैयार कर रहा है। अब नए साल में मामला उसी तरफ जाता दिख रहा है। रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ कीव में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं। बेलारूस और यूक्रेन की सीमा पर रूसी फौज पहले से तैनात है। बेलारूस के फ्रंट से रूसी फौज की पर हमले शुरू कर सकती है।