By अभिनय आकाश | Sep 25, 2022
एक तरफ सभी धर्मों का सम्मान करने वाला देश भारत है, जहां हर धर्म को एक साथ लेकर चला जाता है। धर्म पर नफरत का धंधा करने वाले पीएफआई जैसे संगठन हिन्दुस्तान में रहकर हिंदुस्तान के खिलाफ ही साजिश रच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एक मुल्क ईरान है जहां कट्टरपंथी कानून के खिलाफ क्रांति छिड़ी हुई है। पिछले कई दिनों से ईरान जल रहा है। ईरान की आवाम सड़कों पर उतर चुकी है। बुलंद हौसलों के साथ सड़कों पर उतरकर शरिया कानून वाले ईरान को चैलेंज कर रही है। हिजाब के खिलाफ ईरान में पिछले कुछ दिनों से मुहिम छिड़ी हुई है जो अब हिंसक हो चुकी है। एक मुस्लिम मुल्क में एक कट्टरपंथी कानून के खिलाफ विरोध की मशाल जल रही है।
ईरान में क्यों हुआ प्रदर्शन?
22 साल की महसा अमिनी की मौत से ये महिलाएं गुस्से में हैं। महसा पश्चिमी ईरान में साकेज की रहने वाली थीं। वह परिवार से मिलने 13 सितंबर को तेहरान आई थीं। वह हिजाव के खिलाफ थी, इसलिए उन्होंने उसे नहीं पहना था। पुलिस ने महसा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के 3 दिन वाद 16 सितंबर को उनकी मौत हो गई। चश्मदीदों ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त महसा पूरी तरह ठीक थी। उन्हें पुलिस की गाड़ी में बेरहमी से पीटा गया।