By नीरज कुमार दुबे | Sep 28, 2022
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को इस समय केंद्रीय और राज्य प्रशासन की योजनाओं का इतना लाभ मिल रहा है जितना 70 साल से ज्यादा समय तक नहीं मिला था। पूर्व के शासकों ने खासतौर पर जम्मू-कश्मीर के दूरदराज के गांवों को मुख्यधारा से दूर रखकर अपनी सत्ता चलाई थी लेकिन अब समय बदल चुका है। दूरदराज के गांवों में सड़कें बन रही हैं, घर के नल से जल आ रहा है, हर घर में बिजली पहुँची है और केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाओं का भी लाभ पहुँचा है। देखा जाये तो जम्मू-कश्मीर को प्रकृति ने सिर्फ खूबसूरती ही नहीं दी है बल्कि उसे कई और उपहारों से भी नवाजा है। यहां की कृषि पैदावार अपने आप में अनोखे स्वाद वाली है लेकिन अनुच्छेद 370 हटने से पहले तक किसानों और उत्पादकों को कोई प्रोत्साहन या सुविधा नहीं मिलती थी। लेकिन अब देखिये कैसे दूरदराज के गांवों के लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं और शीघ्र ही उनके उत्पाद लोकल से ग्लोबल बनेंगे।
देखा जाये तो घने जंगलों के बीच से 15 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का काम शुरू करवाना आसान बात नहीं थी क्योंकि यह इलाका काफी दुर्गम भी है। हम आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस सड़क का निर्माण 9.40 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और मौसम अनुकूल रहा तो 10 अक्टूबर तक इस सड़क का निर्माण पूरा हो जाएगा। आप सोचिये कि अपने कृषि उत्पादों के लिए मशहूर इस स्थान के लोगों को सड़क संपर्क नहीं होने से कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। बहरहाल, अब जब सड़क बन गयी है तो यहां के लोगों का सपना सच होने वाला है।
-नीरज कुमार दुबे