Himachal के मंत्री विक्रमादित्य सिंह का UCC को समर्थन, भाजपा ने किया स्वागत, कांग्रेस ने संयम रखने को कहा

By अंकित सिंह | Jul 01, 2023

देश में समान नागरिक संहिता को लेकर चर्चा लगातार गर्म है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश में इसको लेकर एक बयान दिया था। इसके बाद इस पर जबरदस्त तरीके से राजनीति हो रही है। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। कांग्रेस समान नागरिक संहिता को लेकर एक बड़ी बैठक कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसके विरोध में बयान भी दिया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। इसके बाद से राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर भी निशाना साधा है।

भाजपा ने किया स्वागत

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता और प्रदेश के पूर्व CM जयराम ठाकुर ने विक्रमादित्य सिंह के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है। ये उचित है। आज अगर विक्रमादित्य ने ऐसा सोचा है तो उन्होंने कांग्रेस के हित से ज्यादा देश का हित जाना है। इसी कारण से उन्होंने ये भाव व्यक्त किया है। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश पार्टियों का मत यही होगा कि UCC लागू होना चाहिए। 

इसे भी पढ़ें: UCC Issue: बीजेपी के सहयोगी कोनराड संगमा का बयान, भारत के विचार के खिलाफ है यूनिफॉर्म सिविल कोड

कांग्रेस ने संयम रखने को कहा

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने विक्रमादित्य सिंह के बयान पर कहा कि हमारी एक बैठक होगी। बैठक में हम अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा किसी की राय मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा कि जब हम इसे ड्राफ्ट के रूप में देखेंगे तो हम अपनी राय देंगे। मैंने उनका बयान नहीं देखा है। मुझे तो ये भी नहीं पता कि उन्होंने ऐसा किस सन्दर्भ में कहा। लेकिन यह सच है कि सरकार ध्यान भटकाने के लिए इसे लाने की कोशिश कर रही है। हम ऐसा फैसला लेंगे जो 140 करोड़ लोगों के हित में होगा। 

प्रमुख खबरें

Mission 2027 से पहले UP BJP की चुनावी रणनीति तय करेंगे Amit Shah, सीट शेयरिंग पर मंथन

रेस कोर्स मस्जिद में अभी नहीं पढ़ी जा सकेगी नमाज, दिल्ली HC का फैसला, केंद्र ने भी दिया ये आश्वासन

Kerala High Court ने कार हादसे के मामले में न्यायाधीश की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

MLC Elections में Congress की हार पर बोले JDU नेता Sanjay Jha, बैलेट पेपर पर अब किसे दोष देंगे