Himachal Pradesh Cloudburst | लगभग पूरे राज्य में बाढ़ का कहर, कुल्लू और सैंज में बादल फटे... आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

By रेनू तिवारी | Jun 26, 2025

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में बुधवार को बादल फटने से अचानक बाढ़ आने से दो लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज़्यादा लोग लापता हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, कांगड़ा जिले में दो शव बरामद किए गए और कम से कम 10 लोग लापता बताए गए। कई घर, एक स्कूल की इमारत, संपर्क सड़कें और छोटे पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर हेमराज बैरवा ने कहा "हमने अब तक दो शव बरामद किए हैं, और बुधवार को कांगड़ा में बह गए लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं... पीड़ित धर्मशाला, कांगड़ा के पास एक छोटी पनबिजली परियोजना में काम कर रहे थे। हमने संबंधित ठेकेदार से प्लांट में काम करने वाले श्रमिकों की विस्तृत सूची मांगी है।"

उपायुक्त हेमराज बैरवा ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की दो टीम और होमगार्ड की एक टीम को घटनास्थल पर तैनात किया गया है तथा बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि जलविद्युत परियोजना स्थल पर छह लोगों के बाढ़ में बह जाने की आशंका है, जबकि एक व्यक्ति को खुद को बचाने के लिए पास की पहाड़ी पर भागते देखा गया था। उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति का भी अभी अता-पता नहीं है। उपायुक्त ने बताया कि बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने कहा कि तलाश और बचाव अभियान प्राथमिकता है। लापता लोगों में से कुछ हिमाचल प्रदेश के नूरपुर और चंबा इलाकों से हैं तथा कुछ उत्तर प्रदेश से हैं। बाढ़ के दौरान पहाड़ी पर गए व्यक्ति को खोजने के लिए एक टीम भेजी गई है। 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने मनुनी खड्ड में अचानक जल प्रवाह बढ़ने के कारण बहे श्रमिकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है। उन्होंने यहां एक बयान जारी कर कहा, ‘‘संकट की इस घड़ी में भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता देवभूमि के नागरिकों की हरसंभव मदद के लिए तैयार है। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।’’ 

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धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा बृहस्पतिवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि परियोजना स्थल उनके गांव से एक किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि उन्हें बुधवार को सूचना मिली थी कि जल स्तर बढ़ गया है और 15-20 लोग बह गए हैं। शर्मा ने कहा कि नाले के पास मजदूरों के लिए शेड बनाना तथा मौसम की दृष्टि से असुरक्षित क्षेत्र होने पर भी उन्हें वहां नहीं ले जाना लापरवाही है तथा इसकी जांच होनी चाहिए। विधायक ने मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की भी मांग की। 

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अधिकारियों के अनुसार, बारिश के कारण परियोजना का काम रोक दिया गया था और श्रमिक परियोजना स्थल के पास अस्थायी शिविरों में आराम कर रहे थे, तभी मनुनी खड्ड और आसपास के नालों से बाढ़ का पानी श्रमिक कॉलोनी की ओर आया और उनमें से कई को बहा ले गया। कुल्लू जिले में सैंज के रेहला बिहाल क्षेत्र में अपने घरों से कीमती सामान निकालने की कोशिश करते समय बह गए तीन लोगों की तलाश जारी है। कुल्लू जिले के सैंज में जीवा नाला और रेहला बिहाल तथा गड़सा क्षेत्र के शिलागढ़ में बादल फटने की तीन घटनाएं हुईं। जिले में मनाली और बंजार में भी अचानक बाढ़ आ गई और वहां तलाश अभियान जारी है।

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