असम पुलिस ने 2021 से जब्त किए 3,253 करोड़ के ड्रग्स, 26,500 से ज्यादा गिरफ्तार: सीएम हिमंत

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 30, 2026

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि 2021 से पूरे राज्य में अबतक 26,500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 3,253 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किये गए। शर्मा ने कहा कि भारी मात्रा में मादक पदार्थ म्यांमा से आते हैं और मिजोरम एवं मणिपुर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए असम में दाखिल होते हैं, ताकि उन्हें भारत के बाकी हिस्सों में आगे वितरित किया जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वर्ष 2021 से, हमारे मिशन ‘मादक पदार्थ के खिलाफ असम’ पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करते हुए, हमारी पुलिस और सहयोगी एजेंसियों ने मादक पदार्थों के व्यापार के खिलाफ लगातार और रोजाना लड़ाई लड़ी है।

मादक पदार्थों की तस्करी के रास्ते और उनके स्रोत के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “असम की भौगोलिक स्थिति चुनौतीपूर्ण है- यह म्यांमा से आने वाले मादक पदार्थों के लिए एक आवाजाही का रास्ता है, जो मिजोरम और मणिपुर से होते हुए देश के भीतरी इलाकों तक पहुंचता है।” उन्होंने कहा कि सरगना अक्सर देश की सीमाओं के बाहर से काम करते हैं और इसीलिए यह लड़ाई अकेले असम की नहीं हो सकती। शर्मा ने कहा, “यहीं पर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और केंद्र के मजबूत समर्थन ने असल फर्क डाला है। म्यांमा के साथ बेहतर तालमेल, राज्यों की सीमाओं पर कड़ी निगरानी, ​​खुफिया सूचनाओं की बेहतर साझेदारी और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से हमारे बल खेप को आगे वितरित होने से पहले ही रोक पा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने अकेले काम नहीं किया है, बल्कि मादक पदार्थ की समस्या को खत्म करने के राष्ट्रीय संकल्प के हिस्से के तौर पर काम किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात सुनने के बाद शर्मा ने कहा, ‘‘मैं सोच रहा था कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई कोई बिखरी हुई कोशिश नहीं हो सकती- इसे केंद्र और हर राज्य में समान संकल्प के साथ आगे बढ़ाए जाने वाले एक राष्ट्रीय मिशन के तौर पर चलाया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ को लेकर प्रधानमंत्री का नजरिया उस सोच से मेल खाता है, जिसे असम ने बरसों से अपनाया है और जिसपर अमल किया है- यानी युवा ही सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उन्हें नशीले पदार्थों के जहर से बचाना एक पवित्र कर्तव्य है। शर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमेशा कहा है कि नशा न तो ‘कूल’ है और न ही कोई स्टाइल स्टेटमेंट; मादक पदार्थ परिवारों और समुदायों के लिए केवल बर्बादी और तबाही लाते हैं। इस तरह, उनका ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’, जिसमें जमीनी स्तर पर सौ हफ्तों तक करोड़ों युवा भारतीयों तक पहुंचने का काम किया गया, हर राज्य के लिए एक आह्वान है कि वे अपने इरादों के अनुरूप ऊर्जा दिखाएं।” उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के लिए अहम इस मिशन में एक अहम सहयोगी के तौर पर असम गर्व के साथ इस बुलावे का जवाब दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश ‘नशा मुक्त भारत’ की ओर बढ़ रहा है। असम सरकार केंद्र के साथ मिलकर लगातार, समन्वित और दृढ़ता से काम करती रहेगी, जब तक कि हमारी सीमाओं पर मौजूद ड्रग नेटवर्क पूरी तरह से खत्म न हो जाए और असम का हर युवा इस खतरे से मुक्त होकर बड़ा न हो।” उन्होंने कहा कि चुनौती के दायरे को अच्छी तरह समझते हुए, असम की लड़ाई रुकेगी नहीं।

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