गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अंतरराज्यीय सीमा विवाद को आंशिक रूप से हल करने के लिए मेघालय के अपने समकक्ष के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के एक दिन बाद बुधवार को राज्य विधानसभा में कहा कि इस मामले पर अंतिम फैसला संसद करेगी। दोनों राज्यों ने मंगलवार को छह स्थानों पर पांच दशक पुराना सीमा विवाद हल करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। दोनों राज्यों के बीच 12 स्थानों को लेकर सीमा विवाद है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे पूर्वोत्तर के लिए ‘ऐतिहासिक दिन’ करार दिया। सरमा ने विधानसभा में अपने भाषण के दौरान कहा, “ हमने अबतक जो किया है वह शासकीय कार्रवाई है और इसे अब विधायी क्षेत्र में भेजा जाएगा। हमने जिसपर हस्ताक्षर किए हैं वह अंतिम नहीं है, संसद, चर्चा के बाद इस पर अंतिम फैसला करेगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सीमाओं को फिर से खींचने से संबंधित मामलों में संसद आम तौर पर राज्य विधानसभाओं की राय पूछती है और जब समझौता असम विधानसभा के समक्ष लाया जाएगा तब सदन या तो इसे स्वीकार कर सकता है या खारिज कर सकता है। उन्होंने कहा, “ मामले पर सदन में चर्चा की जरूरत है, लेकिन आज नहीं।” सरमा ने कहा कि समाधान के पहले चरण में 36.79 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को लिया गया है और दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच हुए समझौते के तहत इसमें से असम को 18.46 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र मिलेगा तथा मेघालय को 18.33 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र मिलेगा।