प्रमोशन के नए चोंचले (व्यंग्य)

By डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ | Jul 14, 2021

“नहीं-नहीं ऐसी कोई बात नहीं है। वह तो यूँही बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। वह क्या है न कि सफेद कपड़े को सफेद बनाए रखना भी आज के जमाने में खतरों का खेल बनकर रह गया है। इसलिए मेरे बारे में आप जो कुछ भी अच्छा-बुरा सुन रहे हैं, उसे एक कान से सुनिए और दूसरे कान से निकाल दीजिए। हो सके तो दोनों कान में रुई ठूंस लीजिए।'' इतना कहते हुए नेता जी ने फोन का लाल बटन दबाया और सेक्रेटरी की ओर देखने लगा।

इसे भी पढ़ें: आदरणीय न्यायजी की चाहत (व्यंग्य)

नेता जी ने युवकों को धमकाते हुए कहा कि दुश्मन पार्टी के हमारे पुराने साथी आजकल सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुए जा रहे हैं। हमारे पुराने राज़ एक के बाद एक ताश के पत्तों की तरह बांटते जा रहे हैं। इससे हमारी छवि खराब हो रही है। आलाकमान बहुत जल्द पार्टी टिकट बांटने के चक्कर में है। उस समय जो नेता सबसे पॉपुलर होगा पार्टी उसी को टिकट देगी। अब पहले वाला जमाना नहीं रहा जब काम करने वाले को पार्टी का टिकट दिया जाता था। अब तो दिखावा करने वाले की आवभगत होती है। वैसे मेरा नाम भी टिकट के इच्छार्थियों में है। किंतु दूसरे नंबर पर। उसे नंबर वन पर लाना है। तुम लोगों को तो पता ही है कि आजकल हर कोई सोशल मीडिया का सहारा ले रहा है। सोशल मीडिया चाहे तो पल में कंकर को शंकर और शंकर को कंकर बना दे। तुम लोग जनता की नब्ज अच्छी तरह से जानते हो। बताओ मेरे लिए तुम क्या-क्या कर सकते हो?

चारों युवकों ने एक स्वर में हामी भरते हुए कहा कि आप निश्चिंत रहें। हम आपकी छवियों से फेसबुक और इंस्टाग्राम का चप्पा-चप्पा भर देंगे। ट्विटर पर आपकी ट्विटों की चहचहाहट से सबकी नींद हराम कर देंगे। यूट्यूब पर आपके सिवाय कोई दूसरा वीडियो चलने ही न देंगे। वाट्सप पर टरकाए हुए संदेशों का ऐसा पहाड़ खड़ेंगे जहाँ से सारी दुनिया को सिर्फ आप ही आप दिखेंगे। सौ बात की एक बात कहनी हो तो हम आपका इतना प्रमोशन करेंगे कि आपको अपनी महानता पर संदेह होने लगेगा। आपको लगने लगा कि मैंने ये सब काम कब किए। हमारा काम ही झूठ को सच और सच को झूठ दिखाना है।

इसे भी पढ़ें: मेरी फटफटिया, सफेद हाथी से थोड़े न कम है! (व्यंग्य)

नेता जी ने अंतिम सवाल करते हुए पूछा “यह सब तो ठीक है। क्या तुम्हें ऐसा काम करने का कोई पूर्व अनुभव है?”

चारों ने ऐसा जवाब दिया कि नेता जी के चारों खाने चित्त हो गए। उन्होंने कहा “साहब अभी आप जिस विपक्षी पार्टी के अपने पुराने दोस्त के बारे में बात कर रहे थे, उनका प्रमोशन हमने ही किया है। आपके बारे में तिल जैसी खबर को पहाड़ बनाने का पूरा श्रेय हमें ही जाता है। विश्वास न हो तो उन्हीं को फोन करके पूछ लीजिए।“

-डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्तष्

(हिंदी अकादमी, मुंबई से सम्मानित नवयुवा व्यंग्यकार)

प्रमुख खबरें

कोई विधर्मी भारत का राजा नहीं हो सकता, सिर्फ एक ही सनातन राजा राम : योगी आदित्यनाथ

Puducherry Assembly Election 2026: Yanam सीट पर Ashok के लिए बड़ी चुनौती, क्या दोहरा पाएंगे 2021 की जीत

Iran-USA संघर्ष विराम में Pakistan बना मध्यस्थ, Congress ने Modi Govt को घेरा, कहा- स्वयंभू विश्वगुरु हुए बेनकाब

Kerala Election में FCRA-CAA बने बड़े मुद्दे, 45% वोटरों पर LDF और UDF की सीधी नजर