कुशल वैज्ञानिक एवं आधुनिक भारत के स्वप्नदृष्टा थे डॉ. होमी जहांगीर भाभा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 30, 2021

भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के शिल्पकार होमी जहांगीर भाभा प्रसिद्ध वैज्ञानिक तथा स्वप्नदृष्टा थे। उनके प्रयत्नों के परिणामस्वरूप ही भारत आज परमाणु सम्पन्न देशों में शामिल है। आज उस महान वैज्ञानिक का जन्मदिन है तो आइए हम उनके जीवन के विविध पहलुओं पर चर्चा करते हैं।

इसके बाद वह रिसर्च के कार्य में व्यस्त रहे। उन्होंने जर्मनी में रहकर कास्मिक किरणों पर रिसर्च किया। घरवालों की इच्छा का ख्याल रखते हुए उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई तो जरूर की लेकिन अपने पसंदीदा विषय भौतिक विज्ञान में भी अध्ययन करते रहे। फिजिक्स में उन्हें से खास लगाव था। नाभिकीय विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने के कारण उन्हें 'आर्किटेक्ट ऑफ इंडियन एटॉमिक एनर्जी प्रोग्राम' भी कहा जाता है। उन्होंने भारत में 1945 में मूलभूत विज्ञान में उत्कृष्टता के केंद्र टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना की। उन्हें 1947 में भारत सरकार द्वारा गठित परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रथम अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1953 में जेनेवा में हुए विश्व परमाणुविक वैज्ञानिकों के महासम्मेलन में उन्हें सभापति बनाया गया । 

होमी जहांगीर भाभा को शास्त्रीय संगीत के पाश्चात्य संगीत भी बहुत पसंद था। उन्हें घर को सजाने की भी अच्छी जानकारी थी। साथ ही होमी जहांगीर भाभा बहुत मिलनसार और बातूनी थे। इसके अलावा उन्हें खाने का भी बहुत शौक थे। खाने में उन्हें विविध प्रकार के भारतीय तथा पाश्चात्य शैली के भोजन करना पसंद था।

इसे भी पढ़ें: जंग−ए−आजादी के महानायक थे अशफाक उल्ला खान

डॉ होमी जहांगीर भाभा ने अपने कार्यस्थल पर न केवल वैज्ञानिक की बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी बेहतर तरीके से निर्वहन किया। टीआईएफआर की इमारत बनाने की स्थायी जिम्मेदारी भी उन्होंने अपने ऊपर ले ली। इस इमारत को बनाने के लिए अमेरिका के प्रसिद्ध वास्तुकार को भारत बुलाया। 1954 में इस इमारत की नींव नेहरू जी ने रखी और 1962 में इमारत पूरी होने के बाद नेहरू जी द्वारा ही उदघाटन करवाया गया।

प्रतिभावान और मिलनसार होमी जहांगीर भाभा का अचानकर सन 1966 में निधन हो गया था। उनका निधन एक दुर्घटना में हुआ था जिसने देश को बहुत क्षति पहुंचाई। भारत को उनकी मृत्यु से जो आघात लगा उसकी भरपायी मुश्किल है। उनके द्वारा किए गए अनुसंधान के कारण ही देश में परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम अनवरत विकास के रास्ते पर चल रहा है। डॉ. भाभा के उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित करने हेतु तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी जी ने परमाणु ऊर्जा संस्थान, ट्रॉम्बे का नाम डॉ. भाभा के नाम पर 'भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र' रखा।

प्रमुख खबरें

Odisha के गंजाम में बाल श्रम छापे में पुलिस को रोकने पर BJYM नेता गिरफ्तार

Oris Infrastructure के MD Amit Gupta गिरफ्तार, मुंबई पुलिस ने अमृतसर से पकड़ा

Ahmedabad Airport पर 83.14 लाख की Gold Chain जब्त, शारजाह से आई महिला गिरफ्तार

Gujarat में नेतृत्व परिवर्तन की भ्रामक पोस्ट पर FIR, पत्रकार पवन त्यागी पर केस