By रेनू तिवारी | Apr 09, 2026
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को तेहरान को नई चेतावनी जारी की, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर के दौरान यह समझौता अस्थायी हो सकता है और इसमें बदलाव भी हो सकता है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, "अमेरिका के सभी जहाज़, विमान और सैन्यकर्मी - अतिरिक्त गोला-बारूद, हथियार और ऐसी कोई भी चीज़ जो पहले से ही काफ़ी कमज़ोर हो चुके दुश्मन को पूरी तरह से खत्म करने और नष्ट करने के लिए ज़रूरी और उचित हो - ईरान के अंदर और उसके आस-पास तब तक तैनात रहेंगे, जब तक कि 'असली समझौता' पूरी तरह से लागू नहीं हो जाता।" उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य संसाधनों की लगातार तैनाती का मकसद उस समझौते की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना है, जिसका उद्देश्य ईरान से जुड़े संघर्ष को रोकना है।
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होरमुज़ जलडमरूमध्य के लगातार खुले रहने के संबंध में अमेरिका की पुरानी मांगों पर भी ज़ोर दिया। होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल की ढुलाई के लिए एक बहुत ही अहम रास्ता है।
ट्रंप ने कहा, "बहुत पहले ही यह तय हो गया था - और इसके विपरीत तमाम झूठी बयानबाज़ियों के बावजूद - कि 'कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे' और 'होरमुज़ जलडमरूमध्य खुला और सुरक्षित रहेगा'।" उन्होंने आगे कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना आगे की कार्रवाई के लिए भी पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "इस बीच हमारी महान सेना गोला-बारूद जमा कर रही है और आराम कर रही है, और असल में अपनी अगली जीत का इंतज़ार कर रही है। अमेरिका वापस आ गया है!
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की स्थिति अभी भी साफ़ नहीं है। हालांकि, अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह तेहरान के साथ मिलकर 'एनरिच्ड यूरेनियम' से जुड़े मुद्दों को सुलझाने की दिशा में काम करेगा। यह एक ऐसा मुद्दा है जिससे परमाणु हथियार बनाने की क्षमता से जुड़ी गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं।