By अंकित सिंह | Nov 01, 2025
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संगठन पर प्रतिबंध लगाने के आह्वान का विरोध किया। होसबोले ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संगठन पर प्रतिबंध लगाने का कोई "कारण" होना चाहिए, क्योंकि आरएसएस नियमित रूप से राष्ट्र निर्माण में लगा रहता है और जनता ने इसे स्वीकार भी किया है। होसबोले ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में संगठन की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक के दूसरे दिन आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रतिबंध के पीछे कोई न कोई कारण ज़रूर होगा। राष्ट्र निर्माण में लगे आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने से क्या हासिल होगा? जनता ने आरएसएस को पहले ही स्वीकार कर लिया है।
खड़गे ने कहा, "ये मेरे निजी विचार हैं और मैं खुले तौर पर कहता हूँ कि इस पर (आरएसएस पर) प्रतिबंध लगना चाहिए। अगर प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल के विचारों का सम्मान करते हैं, तो ऐसा होना चाहिए। देश में सभी गलतफहमियाँ और यहाँ कानून-व्यवस्था की सभी समस्याएँ भाजपा और आरएसएस की देन हैं।" इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी मंदिरों में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने का आग्रह किया था। उन्होंने संगठन पर "युवाओं का ब्रेनवॉश" करने और "संविधान के विरुद्ध दर्शन" को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।