By अनन्या मिश्रा | Jul 20, 2026
आज के समय में हमारी रसोई में एक बड़ा और अच्छा बदलाव देखने को मिल रही है। लोग मॉर्डन बर्तनों की जगह वापस अपने पुराने और पारंपरिक बर्तनों की ओर लौट रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा चलन आजकल 'लोहे की कड़ाही' का बढ़ रहा है। दादी-नानी के जमाने से माना जाता है कि लोहे की कड़ाही में बना खाना न सिर्फ स्वाद में काफी लाजवाब होता है, बल्कि यह हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि लोहे की कढ़ाही में खाना पकाना सच में कितना फायदेमंद होता है।
अगर आप लोहे की कड़ाही में इमली, टमाटर या कोई अन्य खट्टी चीजों को डालकर खाना पकाते हैं। तो खाने में आयरन की मात्रा थोड़ी ज्यादा बढ़ जाती है।
लोहे की कड़ाही की एक बड़ी खासियत यह भी है कि यह लंबे समय तक हीट को अपने अंदर बनाए रखती है। जिस कारण इसमें खाना अच्छे से और समान रूप से पकता है। यही वजह है कि लोहे के बर्तन में बने पराठे, सब्जियां और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद डबल हो जाता है।
वहीं आजकल के नॉन-स्टिक बर्तनों की तुलना में लोहे की कड़ाही कहीं ज्यादा मजबूत और सालों-साल टिकने वाली होती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर लोहे की कड़ाही में खाना पकाना सेहतमंद है। लेकिन हर व्यक्ति को अधिक आयरन की जरूरत नहीं होती है।
जिन लोगों के शरीर में पहले से आयरन की मात्रा अधिक होती है। या फिर जो लोग आयरन से जुड़ी किसी बीमारी या सेहत संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं। उनको लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेना चाहिए।
अगर इसका सही तरीके से रखरखाव न किया जाए, तो लोहे की कड़ाही खराब भी हो सकती है। इसलिए इसके इस्तेमाल के दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
इसका इस्तेमाल करने और धोने के बाद कड़ाही को अच्छे से सुखाना जरूरी है। अगर इसमें पानी या नमी रह गई, तो इसमें जंग भी लग सकती है।
कड़ाही की क्वालिटी को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए समय-समय पर कड़ाही के अंदरूनी हिस्से पर हल्का सा तेल लगाकर 'ग्रीस' करते रहना चाहिए।
बता दें कि लोहे की कड़ाही सिर्फ एक बर्तन नहीं बल्कि स्वाद और सेहद का बेहतरीन तालमेल है। सही देखभाल और थोड़ी सी सावधानी के साथ लोहे की कड़ाही सबसे भरोसेमंद साथी बन सकती है।