अहमदाबाद में मांसाहारी भोजन बेचने पर विवाद, कोर्ट ने कहा- अपनी पसंद का खाने से किसी को कैसे रोक सकते हैं?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 10, 2021

अहमदाबाद। रेहड़ियों पर मांसाहारी भोजन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ अहमदाबाद नगरनिगम के अभियान को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय ने सवाल किया कि आखिर आप लोगों को घर से बाहर ‘‘उनकी पसंद का खाना खाने’’ से कैसे रोक सकते हैं? अदालत ने करीब 20 रेहड़ी-पटरी वालों की ओर से दायर याचिकाओं का निपटारा करते हुए बृहस्पतिवार को उक्त टिप्पणी की। याचिका में दावा किया गया कि शहरी निकाय अपने अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान मांसाहारी भोजन बेचने वाले ठेलों का निशाना बना रहा है, हालांकि निकाय ने इस बात से इंकार किया है।

इसे भी पढ़ें: TMC सदस्यों पर नजर रखने के लिए ममता ने बंगाल पुलिस और CID को लगा रखा है, खुद ही किया खुलासा

जॉय ने कहा कि मांसाहारी भोजन बेचने वाले दुकानदारों को चुन-चुन कर शाकाहारी भोजन नहीं बेचने के आधार पर हटाया गया। सभी बातें सुनने के बाद इससे नाराज न्यायमूर्ति वैष्णव ने कहा, ‘‘क्या नगर निगम आयुक्त फैसला करेंगे कि मैं क्या खाऊं? कल वे लोग कहेंगे कि मुझे गन्ने का रस नहीं पीना चाहिए क्योंकि उससे मधुमेह हो सकता है। या कहेंगे कि कॉफी सेहत के लिए खराब है।’’ स्थानीय निकाय की ओर से पेश वकील सत्यम छाया ने जब अदालत में इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि निकाय का लक्ष्य सिर्फ अतिक्रमण हटाना है, तब न्यायमूर्ति वैष्णव ने कहा, ‘‘आप अतिक्रमण की आड़ में ऐसा कर रहे हैं क्योंकि आपको मांसाहारी भोजन पसंद नहीं है। यह हमेशा प्रतिवादी के सहुलियत की बात है। किसी के अहम को पोसने के लिए ऐसा मत करिए।

प्रमुख खबरें

Jamshedpur में सड़क हादसे में मंत्री Deepika Pandey Singh की बेटी समेत 4 की मौत

Asian Games 2026: 25 सितंबर को ट्रैक, कोर्ट और रिंग में उतरेगा भारत, देखें पूरा शेड्यूल

Bihar Govt ने बोर्ड व आयोगों के अध्यक्षों का वेतन बढ़ाकर 65000 रुपये किया

Federal Judge के आदेश के बाद White House में CNN और MS Now पत्रकारों की वापसी