Summer Heat में Dehydration बन सकता है जानलेवा, High Blood Pressure के मरीज रहें अलर्ट

By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 23, 2026

जब गर्मियों के मौसम में तापमान बढ़ता है, तो शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ जाता है। अगर शरीर को सही मात्रा में पानी न मिले, तो पानी ब्लड सर्कुलेशन और दिल की धड़कनों को भी कंट्रोल कर देता है। जब शरीर में फ्लू्इड कम होता है तो खून भी गाढ़ा होने लगता है। इसके साथ ही हॉर्मोनल सिस्टम में गड़बड़ी देखने को मिलती है। वहीं, ब्लड प्रेशर (BP) अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ जाता है। अगर आप भी हाई बीपी या दिल की बीमारी से जूझ रहे हैं, तो आपको डिहाइड्रेशन एक साइलेंट थ्रेट हो सकता है।

डिहाइड्रेशन एक ऐसी कंडीशन है कि जब शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे कि सोडियम पोटेशियम की कमी हो जाती है। इस दौरान व्यक्ति को ज्यादा पसीना आता, उल्टी-दस्त होने, बुखार या पर्याप्त पानी न पीने से होता है। गर्म मौसम, हैवी फिजिकल एक्टिविटी और लंबे समय तक धूप में बनें रहने से इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है।

 डिहाइड्रेशन का ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ता है?

- डिहाइड्रेशन होने से शरीर में ब्लड का  वॉल्यूम घट जाता है, जिससे कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।

- शरीर इसकी भरपाई के लिए एक हार्मोनल सिस्टम एक्टिव करता है।

- डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। 

डिहाइड्रेशन रिस्क इन लोगों को ज्यादा होता है

- हाई बीपी पेशेंट्स 

- हार्ट पेशेंट्स

- डायबिटिक लोग

- बुजुर्ग

- छोटे बच्चे

- एथलीट्स

- आउटडोर काम करने वाले

हाई बीपी या हार्ट से जुड़ी समस्या वाले गर्मी के मौसम में क्या सावधानियां बर्तें

- सबसे जरुरी है कि नियमित रुप से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करते रहें।

- पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और फ्लूइड लेते रहे हैं।

- तेज धूप और गर्मी में लंबे समय तक न रहें।

- डॉक्टर की सलाह के अनुसार बीपी और हार्ट की दवाएं नियमित रुप से लें।

- नमक और कैफीन का सेवन सीमित करें।

- इसके साथ ही हल्का और संतुलित ही भोजन का सेवन करें, जिससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

- चक्कर, कमजोरी या हार्ट बीट तेज होने पर आराम करें।

- जरुरत पड़ने पर डॉक्टर को जरुर दिखाएं। 

डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करना चाहिए?

- लू या अत्यधिक गर्मी लगने पर सबसे पहले व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी या छायादार स्थान पर ले जाकर आराम से लिटा दें। उसके पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें, ताकि दिमाग तक रक्त संचार सही तरीके से हो सके। 

- पानी एकदम से ज्यादा मात्रा में न पिलाएं, बल्कि ओआरएस या नमक-चीनी का घोल धीरे-धीरे छोटे-छोटे घूंट में दें। शरीर का तापमान ज्यादा लगने पर सिर और गर्दन पर ठंडी, गीली पट्टियां रखकर उसे कम करने की कोशिश करें। 

- यदि व्यक्ति बेहोश हो जाए या कुछ भी पीने की स्थिति में न हो, तो बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि ऐसे में उसे आईवी फ्लूइड (ड्रिप) की आवश्यकता पड़ सकती है। इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

प्रमुख खबरें

Misleading Claims पर FSSAI की बड़ी कार्रवाई, Dabur को 100% Natural टैग वाले उत्पाद वापस लेने का Order

Swiggy Instamart Expansion: 2031 तक 5 गुना ज्यादा Order Value का लक्ष्य, ₹10,000 करोड़ की कमाई पर टिका दांव

US Supreme Court के बड़े फैसले के बाद Amazon को मिला $600 Million रिफंड, ग्राहकों को भी होगा भारी फायदा

Luis Suarez की गैरमौजूदगी में Lionel Messi का जलवा, Inter Miami ने San Luis को 4-2 से रौंदा