By अभिनय आकाश | Dec 30, 2024
थाईलैंड से 181 लोगों को दक्षिण कोरिया ले जा रहा हवाई जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान एक बैरियर से टकरा गया और आग की लपटों में घिर गया, मलबे से निकाले गए दो फ्लाइट अटेंडेंट को छोड़कर विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार, विमान पूरी तरह नष्ट हो गया, केवल उसकी पूंछ का हिस्सा ही मलबे में पहचानने लायक बचा है। ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि एयरपोर्ट कंट्रोल टावर ने विमान को लैंडिग से पहले पक्षियों से टकराने की चेतावनी दी थी। एक अलग जगह लैंड करने की इजाजत भी दी थी। लेकिन पायलट ने रनवे पार करने से पहले एक इमरजेंसी सिग्नल भेजा। विमान रनवे से फिसलकर बफर जोन में चला गया और दीवार से टकरा गया।
एयरलाइन जेजू एयर ने लोगों से माफी मांगी है। सीइओ किम ई-बे और अन्य कंपनी मालिकों ने सबके सामने अपना सिर झुकाया। कंपनी ने हका, 'हम जेजू एयर में इस घटना में नुकसान उठाने वाले सभी लोगों से माफी मांगते हुए अपना सिर नीचे झुकाते हैं। हम घटना पर प्रतिक्रिया देने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। हमें परेशानी के लिए खेद है।
क्या सच में पक्षी टकराने की थ्योरी सही है?
हालाँकि, हर कोई इस बात से सहमत नहीं है कि रविवार की त्रासदी एक पक्षी के टकराने के कारण हुई। विमानन विशेषज्ञों ने कहा कि पक्षी से टकराने को निश्चित रूप से दुर्घटना का कारण बताने से पहले और सबूत की जरूरत है। विमानन विशेषज्ञ और एयरलाइन न्यूज़ के संपादक जेफ्री थॉमस ने बीबीसी को बताया कि दक्षिण कोरिया और उसकी एयरलाइनों को उद्योग का सर्वोत्तम अभ्यास माना जाता है और विमान और एयरलाइन दोनों का त्कृष्ट सुरक्षा रिकॉर्ड है। उन्होंने आगे कहा कि इस त्रासदी के बारे में बहुत सी बातें समझ में नहीं आतीं। अन्य विशेषज्ञों ने भी सवाल उठाया कि क्या जेजू एयर विमान के गिरने के लिए पक्षी का टकराना जिम्मेदार था। ऑस्ट्रेलियाई विमानन सलाहकार ट्रेवर जेन्सेन ने भी रॉयटर्स को बताया कि आपातकालीन सेवाएं आम तौर पर बेली लैंडिंग के लिए तैयार की जाती हैं, जिससे यह दुर्घटना अधिक अप्रत्याशित प्रतीत होती है। विमानन विशेषज्ञ और इटली की वायु सेना अकादमी के पूर्व शिक्षक ग्रेगरी एलेगी ने इस बाबत कई सवाल भी उठाए हैं जैसे विमान इतनी तेजी से क्यों जा रहा था? फ़्लैप खुले क्यों नहीं थे? लैंडिंग गियर नीचे क्यों नहीं था?