By अभिनय आकाश | Apr 10, 2025
मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को भारत घसीट लाया है। तहव्वुर राणा को स्पेशल विमान से भारत लाया गया है। 64 साल का तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। भारत लाए जाने के बाद तहव्वुर राणा को एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। तहव्वुर राणा वो जिंदा सबूत है जिसका इस्तेमाल अब भारत हर मंच पर करेगा। तहव्वुर राणा की तुड़ाई होगी तो वो पाकिस्तान के कई राज भी खोलेगा। ऐसे में तहव्वुर राणा के भारत आते ही पाकिस्तान ने ऐसी गलती कर दी है, जिसका नतीजा पाकिस्तान के साथ एक और देश भुगतेगा। तहव्वुर राणा का नाम लेकर पाकिस्तान ने अपने साथ एक और देश को फंसा दिया है। दिल्ली और मुंबई की जेल में तहव्वुर के लिए हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की गई है। उसके लिए फांसी की मांग की जा रही है। तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने को मोदी सरकार की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।
तहव्वुर राणा के मुंह खोलने से पहले ही पाकिस्तान ने उसे कनाडा का नागरिक बता दिया है। पाकिस्तान ने कहा है कि तहव्वुर राणा ने पिछले दो दशकों से अपना पासपोर्ट रिन्यू नहीं करवाया है। इसलिए उससे हमारा कोई लेना देना नहीं है। वो तो कनाडा का नागरिक है। यानी अब तहव्वुर राणा जो कुछ बोलेगा उसका जवाब कनाडा को देना होगा।
वायरल हो रहा पीएम मोदी का बयान
सातवें पाताल में होंगे, उनको भी मैं छोड़ने वाला नही हूँ...2019 में प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि अगर कोई भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा या किसी भी निर्दोष नागरिक पर हमला करेगा, तो भारत उसे पाताल से भी खोजकर न्याय के दरवाजे तक लाएगा। तहव्वुर राणा अब भारत की धरती पर लाया जा चुका है और एनआईए की अदालत में उसके जुर्मों का हिसाब हो रहा है। ऐसे में पीएम मोदी का ये पुराना बयान खूब वायरल हो रहा है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्ररति ट्रंप का भी एक बयान इन दिनों चर्चा में है। जब पीएम मोदी के साथ मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा था कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने भारत में न्याय का सामना करने के लिए 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं (तहव्वुर राणा) में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है. वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।