भारत-चीन तनाव के बीच कई दफा हो चुका है 'हॉटलाइन' का इस्तेमाल, जानिए किस तरह आती है काम

By अनुराग गुप्ता | Sep 15, 2020

लद्दाख। भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबे समय से तनाव चल रहा है। ऐसे में अक्सर अखबारों में यह पढ़ने को मिलता है कि 'हॉटलाइन' पर दोनों देशों के बीच बात हुई। हॉटलाइन के जरिए भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच अलग-अलग स्तर की सैन्य वार्ता तय हुईं। इसका यह मतलब नहीं है कि शांतिपूर्ण माहौल में हॉटलाइन बंद हो जाती हैं। 

हॉटलाइन दो देशों के सैनिकों के बीच 'वन टू वन कम्युनिकेशन' का जरिया है। इसे डायरेक्ट लाइन भी कहते हैं। दो देशों की सीमा पर सैनिकों की जो टुकड़ी तैनात रहती है, उनके बीच बातचीत का यह एक जरिया होता है। इसमें एक फोन दूसरे फोन से डायरेक्ट कनेक्ट होता है और बीच में कोई एक्सचेंज नहीं होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के साथ भारत की पांच हॉटलाइन हैं। ये हॉटलाइन पश्चिमी क्षेत्र में डीबीओ-टीडब्ल्यूडी और चुशुल-मॉल्डो में और पूर्वी क्षेत्र में नाथुला, बूमला और किबितु-दमाई में हैं।

हॉटलाइन के बकायदा अफसरों की ड्यूटी लगती है। यहां पर हर दिन हर समय कोई न कोई जरूर मौजूद रहता है। जैसे ही हॉलाइन का फोन बजता है सैनिकों को इस बात की जानकारी मिल जाती है कि फोन सीमा पार से आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ़ मिलिट्री ऑपरेशन्स (डीजीएमओ) और चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड के बीच हॉटलाइन के प्रस्ताल पर दोनों देश सहमत हैं लेकिन यह अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है। 

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हॉटलाइन का कब होता है इस्तेमाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एलएसी पर हॉटलाइन का इस्तेमाल दो स्थितियों में किया जाता है। पहला- साल में चार बार सेरिमोनियल बीपीएम होती हैं। यह दो बार भारत की तरफ से तो दो बार चीन की तरफ से। सेरिमोनियल बीपीएम के लिए एक दूसरे को आमंत्रित करने के लिए हॉटलाइन का इस्तेमाल किया जाता है। दूसरा- इमरजेंसी में इसका इस्तेमाल किया जाता है। जैसे हम आपको हाल ही के एक उदाहरण से इसे समझाते हैं। हाल ही में एक खबर सामने आई की अरुणाचल के पांच लोगों को चीन के सैनिकों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया है। इससे जुड़ा हुआ एक सवाल पत्रकार ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से पूछा।

किरेन रिजिजू ने पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए ट्वीट किया कि भारतीय सेना ने चीनी सेना को हॉटलाइन पर मैसेज भेजा है। उनके जवाब का इंतजार है। हालांकि, पांचों भारतीयों को चीन ने हमें वापस सौंप दिया है। इसके अतिरिक्त कई दफा यह भी देखा गया है कि चीनी जानवर भारतीय सीमा में घुस जाते हैं जिसकी जानकारी हॉटलाइन से चीन को दी जाती है। 

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आपको बता दें कि हॉटलाइन पर जो मैसेज दिया जाता है वह पहले से अथॉरिटी से अप्रूव होता है। ड्यूटी पर मौजूद कोई भी अफसर अपने से कुछ भी संदेश नहीं दे सकता है। इसका पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। यदि सामने वाले देश से कोई मैसेज आता है तो उसे रिसीव किया जाता है और फिर अधिकारियों को उसकी जानकारी दी जाती है। 

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