By अभिनय आकाश | Jul 24, 2026
क्या दिल्ली पुलिस जंतरमंतर पर प्रोटेस्टर्स की निगरानी एआई फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए कर रही है? ऐसा दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियोस में किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों की तुरंत पहचान करने के लिए एआई फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही साथ 360° कैमरा वाली लाइव सर्विलेंस गाड़ी भी नजर आ रही है। इस गाड़ी के अंदर लगी स्क्रीन पर कुछ प्रदर्शनकारियों के नाम, फोटो और बाकी जानकारी डिस्प्ले हो रही है। इस वीडियो में कहीं भी आधार का नाम नहीं लिया गया है। लेकिन चेहरा स्कैन करते ही पर्सनल जानकारी सामने आने पर लोग सवाल उठा रहे हैं। सवाल यह कि क्या यह सिस्टम आधार या फिर किसी दूसरे सरकारी डेटाबेस से जुड़ा हुआ है? पहले यह जान लेते हैं कि जंतरमंतर पर ऐसी सर्विलेंस वाली कितनी गाड़ियां हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के पास निगरानी के लिए दो खास गाड़ियां तैनात की है। पहली गाड़ी एक मोबाइल मॉनिटरिंग यूनिट है जो इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों से लाइव फुटेज निकालती है। वहीं दूसरी गाड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इन वीडियो फुटेज की जांच करती है। कैमरे में दिख रहे चेहरों का मिलान पुलिस के अपने डेटाबेस से करती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक का मकसद हर प्रदर्शनकारी की पहचान करना नहीं है। पुलिस का दावा है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि भीड़ में कोई आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति माने कोई अपराधी मौजूद ना हो। सर्विलेंस वाली गाड़ी को इशना नाम दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने 2023 में हुए G20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले इस वैन को अपने जत्थे में शामिल किया था।
हालांकि वायरल वीडियो ने इस बात की अटकलें लगाई हैं कि आधार रिकॉर्ड तक पहुंच बनाई जा रही है, लेकिन वीडियो में इस दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं है। फुटेज में सिर्फ पुलिस सिस्टम पर मौजूद चेहरों का व्यक्तिगत जानकारी से मिलान होता दिख रहा है। फिर भी, इससे एक अहम सवाल खड़ा हो गया है: अगर यह जानकारी आधार से नहीं आ रही है, तो लोगों की पहचान करने के लिए किस डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा रहा है? अधिकारियों ने निगरानी स्क्रीन पर दिख रहे डेटा के स्रोत के बारे में सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है।