इजरायल-अमेरिका ने मिलकर कैसे खत्म कर डाला खामनेई का पूरा खानदान, चौंकाने वाली रिपोर्ट आई सामने

By अभिनय आकाश | Mar 01, 2026

ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामिनई को मौत के घाट उतार दिया गया और सिर्फ वही नहीं उनके पूरे खानदान को मार दिया गया है। पहले तो शनिवार की सुबह-सुबह एक खबर आती है और खबर में ये मालूम चलता है कि इजराइल और अमेरिका ने यानी कि इजराइल नेकि फ्रंट फुट पर आकर यह हमला किया लेकिन अमेरिका साथ मिला हुआ था। इजराइल ने बहुत बड़ा अटैक ईरान पर कर दिया है। और आज जब इस खबर की पुष्टि हो गई कि इसमें खामिनेई मारे गए हैं तो यह मालूम चला कि जब जंग शुरू हुई थी उसके ठीक 1 घंटे में ही अयातुल्ला अली खामई को टारगेट किया गया। उस घर को निशाना बनाया गया जिसमें वह रहा करते थे जिसमें उनका ऑफिस था और वहीं पर उनको मार दिया गया। जिस वक्त ये हमला हुआ, जिस वक्त खामनी पर अटैक हुआ, जिसमें वो मारे जा चुके हैं। उनकी बेटी, दामाद, एक पोती के भी मारे जाने की इसमें खबर मिल रही है। पूरा का पूरा खानदान जिसमें खत्म हो चुका है। 

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इस बात से वो बिल्कुल अनजान थे कि इजरायल और अमेरिका इतनी कोई बड़ी प्लानिंग कर रहा है। वो ये जानते थे कि अमेरिका अटैक कर सकता है। लेकिन सबसे पहले घर को निशाना बनाया जाएगा ये शायद खामनेई ने सोचा नहीं था। लेकिन उस वक्त जब वो अपने ऑफिस में मौजूद थे जो घर में ही उनके मौजूद है वहीं पर ये अटैक किया गया और उसमें मालूम चला कि खामनेई की मौत हो गई। लेकिन बाद में खबर ये भी आई थी कि हो सकता है कि वो सेफ बंकर में छिप गए हो क्योंकि आपको याद होगा ऐसा पहले भी हुआ है। पहले इस तरह की खबरें आई कि क्या वो बंकर में छिप गए? फिर वो सामने आ जाते हैं और फिर वो जनता से बात करते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाया। इस बार सच में जो ईरान के सुप्रीम लीडर रहे आयतुल्लाह अली खामिनी उनकी मौत हो गई।

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सीआईए और मोसाद की महीनों की प्लानिंग का नतीजा

 न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार,अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला करने की तैयारी के ठीक पहले, सीआईए ने संभवतः सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य, देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के ठिकाने का पता लगा लिया। ऑपरेशन से परिचित लोगों के अनुसार, सीआईए कई महीनों से अयातुल्ला खामेनेई पर नज़र रख रही थी और उनके ठिकानों और गतिविधियों के बारे में अधिक आश्वस्त हो रही थी। फिर एजेंसी को पता चला कि शनिवार की सुबह तेहरान के मध्य में स्थित एक नेतृत्व परिसर में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की एक बैठक होगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि सीआईए को पता चला कि सर्वोच्च नेता उस स्थान पर मौजूद होंगे। निर्णयों की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल ने अपने हमले के समय में बदलाव करने का फैसला किया, जिसका एक कारण नई खुफिया जानकारी का लाभ उठाना भी था।  हमले से पहले अमेरिका और इज़राइल के बीच घनिष्ठ समन्वय और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को दर्शाता है, साथ ही यह भी कि दोनों देशों ने ईरानी नेतृत्व पर, विशेष रूप से पिछले वर्ष के 12 दिवसीय युद्ध के बाद, गहन खुफिया जानकारी जुटाई थी। इस ऑपरेशन ने ईरान के नेताओं की उस समय पर्याप्त सावधानी बरतने में विफलता को भी उजागर किया, जब इज़राइल और अमेरिका दोनों ने स्पष्ट संकेत दिए थे कि वे युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।

सीआईए ने दी खुफिया लोकेशन

द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा उद्धृत ऑपरेशन से परिचित लोगों के अनुसार, सीआईए कई महीनों से खामेनेई पर नज़र रख रही थी और उनके ठिकाने और गतिविधियों के बारे में उसका विश्वास बढ़ता जा रहा था। इसके बाद एजेंसी को पता चला कि शनिवार सुबह मध्य तेहरान स्थित एक नेतृत्व परिसर में शीर्ष ईरानी अधिकारियों की एक बैठक होगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि सर्वोच्च नेता भी वहां मौजूद रहेंगे। खुफिया जानकारी से अवगत लोगों के अनुसार, सीआईए ने खामेनेई की स्थिति के बारे में 'अत्यंत विश्वसनीय' खुफिया जानकारी इज़राइल को सौंप दी। 

अत्याधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल

इजराइल और अमेरिका ने मिलकर अत्याधुनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया और तस्वीरें ऐसी कि जब उस घर पर अटैक किया गया तो पूरा का पूरा जो घर था वो तबाह बर्बाद हो गया। अब इसी के बाद ईरान में हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं। आंकड़ों के हिसाब से बताऊं तो ईरान की जो आबादी है वो शिया जो मुसलमान है वो सबसे ज्यादा वहां पर रहते हैं। लगभग 80 से 85% आबादी वहां पर शिया मुसलमानों की है और शिया मुसलमानों के लिए जो ईरान के सुप्रीम लीडर हैं अली खामिनी यानी कि जिनकी मौत हो गई है।  उनकी मौत हो जाना सड़कों पर अब लोग उतर गए हैं। लेकिन इसमें भी दो धड़े हैं जो कि अब इस वक्त निकल कर सामने आ रहे हैं। एक वो हैं जो उनकी कई नीतियों का विरोध करते रहे हैं जो जश्न मना रहे हैं। लेकिन दूसरे वो हैं जो मस्जिदों में रो रहे हैं। 

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खामनेई के अलावा बड़े 40 ऐसे नेता थे यानी कि जो सैन्य अधिकारी थे उनको मार गिराया गया है।  ईरान ने भी अब तय कर लिया है कि पीछे हटने वाला वो नहीं है। ट्रंप का बयान आता है कि खामनेई क्रूर था इसीलिए उसको मार दिया। लेकिन ईरान ये कहता है कि ट्रंप एक अपराधी है। 

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