By अनन्या मिश्रा | Jul 23, 2026
अक्सर अपनी वेट लॉस जर्नी में हम जिस चीजो को सबसे पहले डाइट से हटाते हैं, वह कार्बोहाइड्रेट है। वहीं वेट लॉस के लिए हम अपनी डाइट से मनपसंद सफेद चावल खाना भी छोड़ देते हैं। वहीं फिटनेस की दुनिया में भी यह बात कही जाती है कि छरहरी काया पाने के लिए सफेद चावल से दूरी बना लें। सफेद चावल की जगह डाइट में ब्राउन राइस को शामिल करना चाहिए।
मेडिकल साइंस के मुताबिक सफेद चावल और ब्राउन राइस में सबसे बड़ा फर्क इनकी प्रोसेसिंग का होता है। जब धान खेत से आता है, तो ब्राउन राइस में इसकी बाहरी परतें ब्रान और जर्म बरकरार रहती है। ब्रान में खूब सारा फाइबर होता है और जर्म विटामिन्स और मिनरल्स का खजाना है।
इसी ब्राउन राइस को जब मशीनों में डालकर पॉलिश किया जाता है। तो इसकी दोनों पौष्टिक परतें हट जाती हैं। इसके बाद तो सफेद हिस्सा बचता है, उसको ही सफेद चावल कहा जाता है।
सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस में करीब 2 से 3 गुना अधिक फाइबर पाया जाता है।
सफेद चावल की जीआई अधिक होता है। यह ब्लड में शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ाता है। इसके उलट ब्राउन राइस का जीआई मीडियम होता है। इससे बॉडी को धीरे-धीरे एनर्जी मिलती है।
ब्राउन राइस में सफेद चावल की तुलना में फॉस्फोरस, मैग्नीशियम और विटामिन्स बी ज्यादा मात्रा में होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक वेट लॉस के लिए सबसे जरूरी नियम कैलोरी डेफिसिट है। वहीं अगर कैलोरी की बात की जाए, तो एक कटोरी सफेद चावल और ब्राउऩ राइस के बीच बहुत मामूली अंतर जोकि करीब 10-20 कैलोरी होता है। इसलिए सिर्फ ब्राउन राइस खाने से रातों-रात आपका वेट कम नहीं हो जाएगा।