By अभिनय आकाश | Jun 25, 2022
भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान जो बम, बारूद और गोले खरीदने के लिए अपने खजाने दे दरवाजे खोल दिया करता है। उसे अब चाय की चुस्की के भी वान्दे होते जा रहे हैं। एक प्याली चाय जिसे आप और हम सुड़क कर भूल जाया करते हैं। उसे पीने से पहले अब पाकिस्तान की आवाम को दो बार सोचना पड़ेगा कि अगली प्याली नसीब होगी या नहीं? पाकिस्तान की नई नवेली शहबाज शरीफ सरकार ने पाकिस्तान यूनिवर्सिटी को चाय का एक विकल्प सुझाया। यूनिवर्सिटी को कहा गया है कि वो अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों को लस्सी और सत्तू पीने के लिए प्रोत्याहित करे। इसे चाय के विकल्प के तौर पर ले सकते हैं।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, पाकिस्तान चालू खाता घाटे और घटते विदेशी मुद्रा भंडार से जूझ रहा है, जो 17 जून तक घटकर 8.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है। इस महीने की शुरुआत में, पाकिस्तान के योजना, विकास और विशेष पहल मंत्री अहसान इकबाल ने नागरिकों से चाय की खपत में कटौती करने का आग्रह किया है ताकि देश के घटते विदेशी मुद्रा भंडार में खाने वाले आयात बिल को कम करने में मदद मिल सके।