Jamsetji Tata Birth Anniversary: जानें कैसे 21 हजार से खड़ा हुआ Tata Group, ये है Father of Indian Industry की कहानी

By अनन्या मिश्रा | Mar 03, 2026

आज यानी की 03 मार्च को टाटा ग्रुप के संस्थापक जमशेदजी टाटा का जन्म हुआ था। वह उस विशाल औद्योगिक साम्राज्य के संस्थापक थे, जो आज पूरी दुनिया में अपने झंडे गाड़ रहा है। जमशेदजी टाटा ने बहुत कम उम्र में अपने व्यवसाय की शुरूआत की थी। इसमें उनके समर्पण और जोश से व्यवसाय को सफलता की सीढ़ी चढ़ने और उसको ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिली थी। जमशेदजी टाटा एक भारतीय उद्यमी और उद्योगपति थे। इसके अलावा वह भारतीय उद्योग में अपने अग्रणी काम के लिए जाने जाते थे। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर जमशेदजी टाटा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...


जन्म और परिवार

गुजरात के छोटे कस्बे नवसारी में 03 मार्च 1839 को जमशेदजी टाटा का जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा है। इनके पिता का नाम नौशेरवांजी और मां का नाम जीवनबाई टाटा था। नौशेरवांजी पारसी पादरियों के खानदान में पहले व्यवसायी थे, वह मुंबई आए और यहीं से उन्होंने कारोबार में कदम रखा। वहीं जमशेदजी टाटा भी 14 साल की उम्र से अपने पिता के व्यवसाय में हाथ बंटाने लगे थे।

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ट्रेडिंग कंपनी से की शुरुआत

जमशेदजी टाटा ने सिर्फ 29 साल की उम्र में 21,000 रुपए के साथ ट्रेडिंग कंपनी से शुरूआत की थी। उस समय शुरू की गई यह कंपनी आज के समय में टाटा ग्रुप का इतिहास है। साल 1874 में उन्होंने बिजनेस की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया था। जमशेदजी टाटा ने टेक्सटाइल मिल की शुरूआत की थी। लेकिन यह मिल उन्होंने मिल इंडस्ट्री के हब माने जाने वाले मुंबई में नहीं बल्कि नागपुर में शुरू की थी।


कर्मचारियों पर दिया ध्यान

जमशेदजी टाटा ने ऐसा कदम उठाया था, जो आज भी टाटा ग्रुप की पहचान बना हुआ है। साल 1886 में उन्होंने अपनी एम्प्रेस मिल के कर्मचारियों को भत्ता देने की शुरूआत की थी। इसके जरिए जमशेदजी टाटा ने एम्प्लॉइ वेलफेयर की नींव रखने का काम किया था। ठीक उसी तरह आज भी टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों का ध्यान रखने के लिए जाना जाता है।


शिक्षा से ले होटल बनाने तक में दिया योगदान

बता दें कि जमशेदजी टाटा ने JN Tata Endowment Fund के माध्यम से स्टूडेंट्स की मदद की। जो स्टूडेंट उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहते थे, जमशेदजी टाटा ने उनके सपनों को पंख देने का काम दिया। वहीं उन्होंने साल 1903 में एक होटल भी खोला। इस होटल का नाम 'द ताज होटल' है, जोकि देश के सबसे बड़े होटलों में से एक है। अपनी आखिरी सांस तक जमशेदजी टाटा ने 'टाटा ग्रुप' को एक बड़ा नाम बना दिया था।


वर्तमान समय में टाटा ग्रुप दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट के जरिए धाक जमा रहा है। वहीं वेलफेयर के कामों में भी टाटा ग्रुप शामिल रहता है। टाटा मोटर्स, TCS, टाटा स्टील और टाटा कम्युनिकेशन जैसी कंपनियां दुनियाभर में भारत का नाम रोशन कर रही हैं।


मृत्यु

वहीं 19 मई 1904 को जमशेदजी टाटा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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