By शुभा दुबे | Nov 07, 2026
दीपावली की रात हिंदू धर्म में सुख-समृद्धि, वैभव और मंगलकामना की दृष्टि से विशेष महत्त्व रखती है। मान्यता है कि कार्तिक मास की अमावस्या की रात्रि में विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। यही कारण है कि दीपावली पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए पूजा स्थल को सजाते हैं। धार्मिक परंपराओं में स्वच्छता, श्रद्धा और सदाचार को मां लक्ष्मी की कृपा से जोड़ा गया है।
दीपावली की पूजा की शुरुआत घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई से करें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और शाम को दीपक जलाकर घर को प्रकाशमय करें। पूजा करने वाले व्यक्ति को स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। पूजा स्थल पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं अथवा चित्र स्थापित करें। साथ में जल से भरा कलश भी रखा जा सकता है।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश की पूजा पहले की जाती है, क्योंकि उन्हें विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का आरंभ करने वाला देवता माना जाता है। इसके बाद मां लक्ष्मी की पूजा करके धन, वैभव और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।
दीपावली की पूजा के लिए सामान्यतः निम्नलिखित सामग्री तैयार रखनी चाहिए:
मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र
पूजा की चौकी और लाल या पीला वस्त्र
जल से भरा कलश, आम के पत्ते और नारियल
रोली, कुमकुम, हल्दी, अक्षत और चंदन
ताजे पुष्प तथा माला
घी या तेल के दीपक, रुई की बत्ती और धूप
फल, मिठाई, बताशे, खील और खिलौने
पान, सुपारी, दक्षिणा और पूजा की थाली
कमल का फूल, यदि उपलब्ध हो
सामग्री में क्षेत्रीय और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है। सभी वस्तुओं का होना अनिवार्य नहीं है; श्रद्धापूर्वक उपलब्ध सामग्री से भी पूजा की जा सकती है।
दीपावली की शाम स्थानीय पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा शुरू करें। सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करके उन्हें पुष्प, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करें और उनके सामने दीपक प्रज्ज्वलित करें। मां को पुष्प, माला, कुमकुम, अक्षत, फल और मिठाई अर्पित करें। कलश की पूजा करें और घर की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
इसके बाद मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप करें:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने के बाद मां लक्ष्मी की आरती करें। भगवान गणेश की आरती भी करें। पूजा के अंत में परिवार के सभी सदस्यों के कल्याण, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। पूजा के पश्चात घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य सुरक्षित स्थानों पर दीपक जलाएं। कुछ परिवारों में इस अवसर पर भगवान कुबेर की पूजा और बहीखातों का पूजन भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं में स्वच्छता, विनम्रता, ईमानदारी और परिश्रम को समृद्ध जीवन का आधार माना गया है। इसलिए दीपावली पर केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना, अन्न और वस्त्र दान करना तथा परिवार और समाज के प्रति अपने दायित्व निभाना भी महत्त्वपूर्ण है।
यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी विशेष वस्तु, मंत्र या उपाय से धन प्राप्ति की गारंटी नहीं दी जा सकती। मां लक्ष्मी की पूजा का वास्तविक उद्देश्य जीवन में सद्बुद्धि, संतोष, परिश्रम और सदाचार का संकल्प लेना है।
दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा हमें यह संदेश देती है कि समृद्धि का अर्थ केवल धन-संपत्ति नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार, शांत मन, अच्छे संबंध और दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने की क्षमता भी है। श्रद्धा से जलाया गया दीपक तभी सार्थक है, जब उसका प्रकाश हमारे विचारों और व्यवहार में भी दिखाई दे।
शुभा दुबे