By अंकित सिंह | Sep 25, 2024
दिल्ली में प्रदूषण की संकट हमेशा से बड़ी रही है। इसको लेकर राजनीति भी खूब होती है। इसी बीच आज दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बड़ी बात कही है। गोपाल राय ने केंद्र से मदद की भी अपील की है। गोपाल राय ने कहा कि एनसीआर राज्यों में प्रदूषण स्तर बढ़ने का असर दिल्ली पर भी पड़ता है। इस स्तर को नीचे लाने के लिए हमें केंद्र सरकार की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब सभी एजेंसियां और सरकारें मिलकर काम करेंगी, तभी प्रदूषण से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। तो, इस वर्ष की शीतकालीन कार्य योजना का मुख्य विषय 'मिलकर चलें और प्रदूषण से लड़ें' है।
योजना के बारे में विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार हमने 21 सूत्रीय शीतकालीन कार्ययोजना बनाई है, जिसके आधार पर हम काम शुरू करेंगे। दिल्ली में पहली बार हॉट स्पॉट की ड्रोन से निगरानी का फैसला लिया गया है। इससे प्रदूषण के कारण का वास्तविक समय में पता लगाया जा सकेगा। 2) इसे (प्रदूषण के कारण) रोकने के लिए 6 सदस्यीय एसटीएफ का गठन 3) धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 7 अक्टूबर से दिल्ली में धूल विरोधी अभियान शुरू होगा। निजी और सरकारी सभी एजेंसियों के पास 7 अक्टूबर तक का समय है, अगर वे तब तक मापदंडों पर खरी नहीं उतरीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि 500 मीटर से अधिक के सभी निर्माण स्थलों को पोर्टल पर पंजीकृत कराना होगा। 85 रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई जा रही हैं, 500 पानी छिड़कने वाली मशीनें भी इस्तेमाल की जा रही हैं। इस बार 200 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन लॉन्च की जाएंगी. इस बार फैसला लिया गया है कि नवंबर-दिसंबर में पानी का छिड़काव 3 गुना बढ़ाया जाएगा ताकि प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके।