By अभिनय आकाश | Jun 26, 2026
पाकिस्तान में टॉर्चर (यातना) के खिलाफ कानूनी सुरक्षा उपायों की आलोचना हो रही है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से देश के टॉर्चर-विरोधी ढांचे को मजबूत करने की अपील की है। आयोग ने चेतावनी दी है कि इसमें मौजूद बड़ी कमियों की वजह से पीड़ितों को न्याय मिलने और जवाबदेही तय करने में रुकावट आ रही है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अपील 'यातना के पीड़ितों के समर्थन में अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के मौके पर की गई।
HRCP ने मौजूदा जांच प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। आयोग ने कहा कि टॉर्चर की शिकायतों की जांच करने का पूरा अधिकार फ़ेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के पास है, जबकि इसके कई सीनियर अधिकारियों का बैकग्राउंड पुलिसिंग का रहा है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यवस्था से हितों के टकराव (कॉन्फ़्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट) को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं और निष्पक्ष जांच पर भरोसा कम होता है।