बैंकिंग सेक्टर में बढ़ रहा है चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का दखल, HSBC ने अपने यहां की CCP कमेटी की स्थापना

By अभिनय आकाश | Jul 23, 2022

किसी भी देश के लिए बैंक उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। इसलिए तो बैंकिंग सिस्टम को देश की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है। क्योंकि किसी भी देश में जितने पैसे सर्कुलेट होता है उनमें से ज्यादातर पैसे वो देश अपने सरकारी बैंकों में ही जमा रखता है। इतना ही नहीं अधिकांश देश के लोग भी अपनी जमा राशि बैंक में ही रखना पसंद करते हैं। क्योंकि बैंक में रखी गई राशी सुरक्षित होती है। लेकिन अगर मान लीजिए कोई बैंक अगर बंद हो जाए या फिर लोगों को पैसे लौटाने से मना कर दे तो क्या होगा। ऐसा ही कुछ चीन में इन दिनों देखने को मिल रहा है। इस वक्त चीन गंभीर बैंकिंग संकट से गुजर रहा है। हालात इतने बदतर हैं कि कई बैंकों ने अपने ग्राहकों के पैसे निकालने पर रोक लगा दी है। ऐसे में हजारों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया है। लोगों का उग्र रूप देख सड़कों पर पुलिस और टैंक उतर गए हैं। 

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एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी एक ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय यूनिवर्सल बैंक और वित्तीय सेवा होल्डिंग कंपनी है। एचएसबीसी ने चीन में अपने निवेश बैंकिंग उद्यम में एक कम्युनिस्ट पार्टी समिति का गठन किया है। यानी बैंक में एक पूरी तरह से कम्युनिस्ट पार्टी को समर्पित इकाई। एचएसबीसी लंदन बेस्ड बैंक है। लेकिन इसका ज्यादातर रेविन्यू हांगकांग और चीन से ही आता है। एचएसबीसी देश में अपनी निवेश बैंकिंग सहायक कंपनी में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी कमेटी स्थापित करने वाला पहला विदेशी ऋणदाता बन गया है। एचएसबीसी कियानहाई सिक्योरिटीज ने हाल ही में एक सीसीपी समिति की स्थापना की। यह कदम एचएसबीसी द्वारा 2015 में शुरू किए गए संयुक्त उद्यम में अपनी हिस्सेदारी अप्रैल में 51 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने के बाद आया है।

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सीसीपी समिति यह आम तौर पर तीन या अधिक कर्मचारियों से बनता है जो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य भी होते हैं। समितियाँ एक श्रमिक संघ के रूप में एक दोहरे उद्देश्य के तहत काम करती है। इसके माध्यम से एक पार्टी प्रतिनिधि को कंपनी के शीर्ष रैंकों में स्थापित किया जाता है, कभी-कभी एक निदेशक या प्रबंधन की भूमिका में होते हैं। 

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