By रितिका कमठान | Jan 11, 2025
अयोध्या में राम मंदिर के 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह की पहली वर्षगांठ के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर के अभिषेक का ऐतिहासिक समारोह 22 जनवरी, 2024 को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्य अनुष्ठान करेंगे। ऐतिहासिक 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह हिंदू कैलेंडर के अनुसार 11 जनवरी 2025 को होगा। पिछले साल यह पवित्र त्यौहार पौष माह के शुक्ल पक्ष की कूर्म द्वादशी को मनाया गया था। इस साल शुक्ल पक्ष 11 जनवरी को पड़ रहा है।
मंदिर ग्राउंड फ्लोर पर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक राग सेवा का आयोजन होगा, उसके बाद शाम 6 बजे बधाई गीत होगा। इसी तरह यात्री सुविधा केंद्र की पहली मंजिल पर संगीतमय मानस पाठ होगा। मंदिर परिसर के अंदर 'अंगद टीला' पर राम कथा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके बाद मानस प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को 2 लाख से अधिक श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए मंदिर आए।
भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई है। इसमें मुख्य अनुष्ठान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए थे। अनुष्ठान के बाद रामलला की मूर्ति का अनावरण हुआ था। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पारंपरिक नागर शैली में बनाया गया है। इसकी लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट है; चौड़ाई 250 फीट है और ऊंचाई 161 फीट है; और यह कुल 392 खंभों और 44 दरवाजों द्वारा समर्थित है। मंदिर के खंभों और दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की जटिल नक्काशी की गई है। भूतल पर मुख्य गर्भगृह में भगवान श्री राम के बाल रूप (श्री रामलला की मूर्ति) को स्थापित किया गया है।