By अभिनय आकाश | Mar 02, 2026
मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। इजराइली अमेरिकी हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खमने की जान चली जाने के बाद पूरे क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मच चुकी है। लेकिन इस घटना का सबसे बड़ा असर अब पाकिस्तान में दिख रहा है। दरअसल पाकिस्तान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सबसे ज्यादा हिंसा कराची में देखी गई। जहां हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। यह लोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगा रहे थे और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया।
इस हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई और कराची में ही 16 लोगों की जान जाने की खबर सामने आ चुकी है। लेकिन मामला सिर्फ कराची तक सीमित नहीं रहा। पाकिस्तान के अन्य शहरों में भी खामनेई की मौत के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए। लाहौर, इस्लामाबाद और उत्तरी क्षेत्रों में भी लोगों ने सड़कों पर उतर कर विरोध किया। अब सबसे ज्यादा चौंकाने वाली घटना सामने आई पीओके के गिलगिट बाल्टिस्तान इलाके से। पीओके भारत का हिस्सा है लेकिन पाकिस्तान वहां जबरन कब्जा किया है। लेकिन पीओके के शिया बहुल शहर स्कारदू में प्रदर्शन देखे गए। गुस्साई भीड़ ने कई सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय में आग भी लगा दी और बता दिया कि पाकिस्तान की सेना कितनी लाचार है वहां पे। बताया जा रहा है कि जिस दफ्तर को निशाना बनाया गया वो था यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप इन इंडिया एंड पाकिस्तान यानी कि यूएन एमओजीआईपी का कार्यालय।