By रेनू तिवारी | Sep 12, 2026
हैदराबाद पुलिस ने सिकंदराबाद छावनी (कैंटोनमेंट) के अत्यंत सुरक्षित मिलिट्री जोन में हुई एक सनसनीखेज चोरी का खुलासा करते हुए सेना के एक रिटायर्ड हवलदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बोलारम स्थित मद्रास रेजिमेंट की 20वीं बटालियन के कोट और मैगजीन रूम से अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस चुराने का गंभीर आरोप है।
मल्लेश 2010 में सेना में भर्ती हुआ था और 30 जून, 2026 को रिटायर हुआ था। उसने 30 और 31 अगस्त की रात को यह चोरी की। पुलिस के मुताबिक, उसका शुरुआती मकसद अपनी समय से पहले रिटायरमेंट से नाराज़गी जताना था।
चुराए गए सामान में चार AK-203 राइफलें, एक INSAS राइफल, सात पिस्तौल, मैगज़ीन, एक पैसिव नाइट-विज़न दूरबीन और लगभग 1,900 राउंड गोलियां शामिल थीं।
मल्लेश ने चुराए गए हथियार कैसे पहुंचाए?
तेलंगाना के DGP CV आनंद के मुताबिक, मल्लेश दोबारा यूनिट में घुसा और मैगज़ीन कवर लिए, फिर बालाजी नगर स्थित अपने घर लौट आया। CCTV फुटेज में उसे सुबह 4:34 बजे घर पहुंचते हुए देखा गया।
इसके बाद उसने मैगज़ीन वाला बैग अपनी सफ़ेद ब्रेज़ा कार में रखा। वहां से वह एक मंदिर गया जहां उसने चुराए गए हथियार और गोलियां रखी थीं, सारा सामान कार में भरा और अचंपेट की ओर निकल पड़ा।
पुलिस ने बताया कि मल्लेश ने आउटर रिंग रोड, सागर रिंग रोड और बैंगलोर गेट रोड का इस्तेमाल किया, जबकि टोल गेट से बचने के लिए श्रीशैलम रोड का इस्तेमाल नहीं किया।इसे भी पढ़ें: Sports Advertisement में बिना कपड़ों के दिखी Sydney Sweeney, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
उसने यात्रा के दौरान यात्रियों को बिठाया
यात्रा के दौरान, मल्लेश ने यात्रियों को बिठाया ताकि यह सबूत बनाया जा सके कि वह किसी और काम से अचंपेट की ओर गया था। DGP आनंद के मुताबिक, नौकरी से हटाए जाने के बाद मल्लेश अपनी कार में यात्रियों को बिठाकर गुज़ारा कर रहा था। उसने सागर रिंग रोड टैक्सी पॉइंट के पास चार लोगों को बिठाया, उन्हें देवराकोंडा में उतारा और उनसे पैसे लिए। इसके बाद उसने डिंडी में दो और यात्रियों को बिठाया, उनसे पैसे लिए और उन्हें आगे जाकर उतार दिया। पुलिस के मुताबिक, मल्लेश 31 अगस्त को दोपहर करीब 1:15 बजे अचंपेट पहुंचा।इसे भी पढ़ें: मिस्टर सिंह अमेरिका छोड़ दो, नहीं तो अंजाम भुगतो...US में ऐड पर विवाद, भारतीय समुदाय ने बताया नस्लवादी
चोरी के हथियार बरामद
जैसे-जैसे मल्लेश पर शक बढ़ा, वह घबरा गया और 6 सितंबर को पूरा सामान दूसरी जगह पहुंचा दिया। पुलिस ने बताया कि आखिरकार 10 सितंबर को मल्लेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कबूलनामे के बाद, DCP की अगुवाई में हैदराबाद टास्क फोर्स की टीमों ने चोरी हुआ सारा सामान बरामद कर लिया। DGP CV आनंद ने कहा कि पुलिस अभी भी चोरी के पीछे की वजह और मकसद की जांच कर रही है और इस मामले में आगे और जांच की ज़रूरत है।