By अभिनय आकाश | Aug 05, 2026
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में सत्ता से हटने और भारत में निर्वासित होने के बाद अपना पहला सार्वजनिक संबोधन दिया। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी बात खुलकर रखी। इस दौरान वह इमोशनल हो गई। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का कहना है कि मुहम्मद यूनुस की सरकार का पुलिसकर्मियों के हत्यारों को सुरक्षा (इंडेम्निटी) देने का एक फ़ैसला उनके असली मकसद को ज़ाहिर करता है। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की थी, लेकिन मुहम्मद यूनुस की "गैर-कानूनी अंतरिम सरकार" ने उसे रोक दिया। वे सवाल करती हैं, "अगर उन्हें डर नहीं था, तो उन्होंने सच सामने क्यों नहीं आने दिया?
बांग्लादेश के पूर्व राजनयिक और इंटेलिजेंस अधिकारी अमीनुल हक पोलाश का कहना है कि शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद हाल के वर्षों में चरमपंथ में भारी बढ़ोतरी हुई है। वकील शाह मोहम्मद बख्तियार ने मोहम्मद यूनुस की पिछली सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा शेख हसीना पर चलाए गए "दिखावटी" मुकदमे की भी आलोचना की है।
शेख हसीना के सहयोगी और राजनीतिक विश्लेषक अबू ओबैदा अरिन ने पूर्व प्रधानमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने बांग्लादेश को "बिना तार वाले बिजली के खंभों" वाले देश से दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक में बदल दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली बीएनपी सरकार के दौरान कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए 10% कमीशन देना पड़ता था।