By अंकित सिंह | Apr 17, 2026
आप सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े होते ही अपनी ही पार्टी पर कटाक्ष किया, जिसके साथ हाल ही में उनका सार्वजनिक तौर पर काफी मतभेद हुआ है। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी के नेता सदन में उपस्थित नहीं हैं। जाहिर तौर पर उनका इशारा AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह की ओर था। उन्होंने आगे कहा कि मेरी पार्टी के नवनियुक्त उपनेता भी सदन में उपस्थित नहीं हैं। उनका इशारा अशोक कुमार मित्तल की ओर था, जो उद्योगपति-राजनेता और चड्ढा की तरह पंजाब से सांसद हैं।
हरिवंश के निर्वाचन के लिए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे. पी. नड्डा ने एक प्रस्ताव पेश किया और और एस फांग्नोन कोन्याक ने प्रस्ताव का समर्थन किया। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किए जाने के बाद हरिवंश तीसरी बार उपसभापति चुने गए। उपसभापति पद के लिए हरिवंश के पक्ष में कुल पांच प्रस्ताव पेश किए गए। प्रस्ताव पारित होने के बाद सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने घोषणा की, मैं घोषित करता हूं कि हरिवंश जी राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं।
इसके बाद सभापति ने सदन के नेता नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से हरिवंश को उपसभापति की निर्धारित सीट तक ले जाने का आग्रह किया। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हरिवंश को उपसभापति की सीट तक पहुंचाया। यह सीट विपक्ष के नेता की सीट के समीप है। राज्यसभा के उपसभापति का पद हरिवंश का उच्च सदन में कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त होने के बाद रिक्त हो गया था।